सोलन। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी, सिविल अस्पताल व सब सेंटर स्टाफ की भारी कमी से रामभरोसे चल रहे हैं। इसके चलते आए दिन मरीजों ओर उनके तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनकी मानसिक ही नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सोलन जिले में इस समय 41 पीएचसी, पांच सीएचसी, पांच सिविल अस्पताल और 181 सब सेंटर हैं।
इनमें चिकित्सकों, स्टाफ नर्स सहित अन्य पद पर खाली होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सोलन जिले में 101 पर चिकित्सकों के स्वीकृत हैं जिनमें से 63 पर खाली चल रहे हैं। फार्मासिस्ट के 64 स्वीकृत पदों में से 33 खाली, लैब तकनीशियन के 28 में से 19 पद, रेडियोग्राफर के 11 स्वीकृत पदों में से सात पद खाली हैं।
इसी के साथ मरीजों को दिन रात सेवा प्रदान करने वाली स्टाफ नर्सों के 72 स्वीकृत पदों में से भी 19 पद खाली हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, टेस्ट, इंजेक्श्न व अन्य सुविधाओं को देने के लिए बनाए सब सेंटर महिला स्वास्थ्य वर्करों की भारी कमी झेल रहे हैं। चिकित्सकों के न होने से मरीजों को अस्पताल को छोड़कर बाहर क्लीनिकों में महंगे दामों पर इलाज करवाने को विवश होना पड़ रहा है। वहीं लैब तकनीशियन व रेडियोग्राफर की कमी से मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी आरके दरोच ने बताया कि स्टाफ की कमी के बारे में मामला सरकार के संज्ञान में हैं। उन्होंने बताया कि स्टाफ की कमी से लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ का प्रावधान समयानुसार किया जाता है।