बद्दी (सोलन)। नगर परिषद बद्दी के पार्षद नरेंद्र कुमार दीपा के चेयरमैन बनते ही पिछले 22 दिन से चले आ रहे हाई वोल्टेज ड्रामे का पटाक्षेप हो गया। शुक्रवार को बुलाई बैठक में भाजपा समर्थित पांच पार्षद ही पहुंचे जबकि कांग्रेस समर्थित चारों पार्षदों ने बैठक से दूरी बनाए रखी। करीब 18 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद नप बद्दी के चेयरमैन पद से चौधरी परिवार को रुखसत होना पड़ा।
साथ ही पहली बार नप में भगवा लहराया। नगर परिषद पर कब्जा होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और शहर में विजय जुलूस भी निकाला। पूर्व चेयरमैन मदन लाल और दून के पूर्व विधायक रामकुमार के करीबी माने जाने वाले नप पार्षद ने नाराज हो कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
नवंबर माह की आठ तारीख को बहुमत में आए भाजपा पार्षदों ने डीसी को नप के चेयरमैन मदन लाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंप कर उन्हें हटाने की मांग की थी। बीते 24 नवंबर को चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। हैरानी की बात तो यह रही कांग्रेस के चारों पार्षद हाउस में नहीं पहुंचे जबकि लोगों को आस थी कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पर्चा जरूर भरेगी।
घंटे भर करते रहे कांग्रेस पार्षद का इंतजार
एसडीएम ने एक घंटे तक कांग्रेस के पार्षदों के आने का इंतजार किया लेकिन तय समय सीमा के भीतर जब वे नहीं पहुंचे तो चेयरमैन पद के लिए प्राप्त नरेंद्र दीपा के एकमात्र नामांकन पर मुहर लगा दी गई। पत्रकारों से दून विधायक परमजीत सिंह पम्मी और जल बोर्ड उपाध्यक्ष दर्शन सिंह सैणी ने इस जीत को जयराम ठाकुर सरकार की नीतियों की जीत करार दिया।
जिला भाजपा मंत्री बलविंद्र सिंह ठाकुर, वरिष्ठ नेता हंसराज चंदेल व शहरी भाजपा प्रधान तरसेम चौधरी ने कहा कि 18 साल से लोग दुखी थे। अब यहां पर चहुंमुखी विकास होगा जिसमें सीएम और विधायक का भरपूर सहयोग मिलेगा। वरिष्ठ भाजपा पार्षद एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि शहर में बचे हुए कामों को शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
बिना भेदभाव होगा विकास
नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेंद्र कुमार दीपा ने कहा कि वह बिना भेदभाव शहर का संपूर्ण विकास करवाएंगे। उनकी प्राथमिकता में सड़क, सफाई, सीवरेज और पथ प्रकाश प्रमुख रहेगा।