नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ ब्लॉक समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने अपने पदों पर बने रहेंगे।
कांग्रेस समर्थित बीडीसी सदस्यों ने जिला पंचायत अधिकारी को 13 सितंबर को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। इसमें 39 में से 25 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। बीडीसी चेयरमैन गुरबख्श चौधरी व उपाध्यक्ष प्यारो देवी के खिलाफ लाए अविश्वास प्रस्ताव के लिए मंगलवार को बहुमत साबित करने का समय रखा था। लेकिन सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 1 बजे तक कोई भी सदस्य नहीं पहुुंचा और न कोरम पूरा हुआ और न ही बहुमत साबित हो सका।
जिला पंचायत अधिकारी सतीश अग्रवाल ने पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 129 और सामान्य नियम 1997 के नियम 129 के तहत मंगलवार को बैठक बुलाई थी और 1 बजे तक बहुमत साबित करने का समय दिया था। पंचायत समिति नालागढ़ में 40 सदस्य हैं। नालागढ़ व दून विस क्षेत्रों के बीडीसी सदस्य इसमें शामिल हैं। विकास खंड नालागढ़ की 69 पंचायतों के तहत आने वाले इन बीडीसी सदस्यों में से एक सदस्य की मौत होने पर इनकी संख्या 39 रह गई थी, जिसमें से 25 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र जिला पंचायत अधिकारी को बतौर अविश्वास प्रस्ताव सौंपा गया था। इस लिहाज से बहुमत साबित करने के लिए 20 सदस्यों का एक पक्ष में होना लाजिमी था, जो कि न हो सका। इस अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस, भाजपा के साथ जोड़कर देखा जा रहा था और दोनों ही पार्टियों की साख इसमें लगी थी। यहां तक कि सदस्यों को अपनी ओर खींचने का प्रयास भी किया गया। गोलजमाला में दोनों पार्टियों के बीच कहासुनी व झड़प भी हुई, लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास गिर गया है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी सतीश अग्रवाल ने कहा कि कोरम पूरा न होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव विफल हो गया है।