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आक्सीजन का सिलेंडर न मिलने से बुजुर्ग की मौत

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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में स्वास्थ्य सुविधाओं की खस्ता हालत एक बार फिर मरीजों पर भारी पड़ी है। ऑक्सीजन का सिलेंडर न मिलने से एक बुुजुर्ग की मौत हो गई। मंगलवार देर रात एक युवती अपने दादा की अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंची। अस्पताल में पहले तो चिकित्सकों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया। बाद में वार्ड में शिफ्ट कर दिया और काफी समय तक उनकी खोज खबर नहीं ली। इसी बीच बुजुर्ग की सांसें जवाब देने लगी।
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मरीज देगी राम (65) निवासी जवाहर पार्क सोलन को बीमारी की हालत में उसकी पोती लाई थी। इनके साथ अन्य परिजन आकाश भी था। इन लोगों ने बताया कि मरीज की हालत खराब होने पर जब चिकित्सक को बुलाया गया तो उन्होंने चेकअप के बाद मरीज को पीजीआई रेफर कर दिया। इसके लिए जब 108 एंबुलेंस के लिए कॉल किया तो एंबुलेंस नहीं मिली। निजी गाड़ी में बुजुर्ग को ले जाने के लिए आक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। युवती ने अस्पताल प्रशासन से सिलेंडर की मांग की तो उन्होंने पांच हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी की मांग कर डाली। युवती के पास इस वक्त पैसे नहीं थे। युवती रोती रही लेकिन न तो अस्पताल प्रशासन ने उनकी गुहार पर गौर किया न ही वहां तमाशबीन बैठे किसी व्यक्ति की जेब से पांच हजार निकालने की हिम्मत हुई। इसी जद्दोजहद में दो घंटे बीत गए और वृद्ध की हालत बिगड़ती चली गई। अंत में वृद्ध ने दम तोड़ दिया।
विडंबना यह है कि युवती के माता-पिता पहले ही नहीं है। दादा ही उनका अंतिम सहारा थे। वृद्ध के साथ आए तीमारदारों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि वृद्ध की जान अस्पताल प्रशासन की वजह से गई है। कहा कि पहले तो चिकित्सकों ने वृद्ध का ठीक से उपचार नहीं किया बाद में उन्हें रेफर कर दिया। अस्पताल से उन्हें ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। वह निजी वाहन में वृद्ध को शिमला ले जाना चाहते थे लेकिन आक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी जिसके लिए 5000 रुपये की सिक्योरिटी मांगी गई। पास न होने के कारण दो घंटे के बाद एंबुलेंस मिली लेकिन तब तक वृद्ध की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सोलन अस्पताल में आम हो गई हैं।
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नहीं मिली कोई शिकायत : डॉ. राजन
एमएस अतिरिक्त कार्य भार संभाल रहे डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि उनके पास इस तरह कोई शिकायत नहीं आई है। यदि इसकी लिखित शिकायत आती है तो इसकी जांच की जाएगी। किसी कर्मचारी की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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