सोलन। शहर की लंबित पड़ी मांगें और अरसे से लोगों को परेशान कर रही समस्याएं मुख्यमंत्री के दरबार पहुंच गई हैं। लोगों की इन समस्याओं को भाजपा नेता डॉ. राजेश कश्यप की अगुवाई में सीएम के समक्ष रखा गया। सीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुखता से नगर परिषद सोलन को नगर निगम का दर्जा दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिमला के बाद सोलन शहर सबसे तेजी से विकसित हो रहा है। आबादी बढ़ने के साथ यहां कई जरूरतें की भी मांग बढ़ी है। हर योजना पर अतिरिक्त भार पड़ा है। इस लिहाज सोलन नप को नगर निगम का दर्जा दिया जाना अब जरूरी हो गया। नगर निगम बनने से शहर को जहां कई तरह की योजनाएं मिलेंगी वहीं शहर का विकास भी सिस्टम के अनुरूप होगा। सीएम ने इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है तथा जल्द ही सोलन आने के बात कही है। लोगों को उम्मीद है कि सीएम सोलन आकर इन मांगों पर कोई बड़ा एलान कर सकते हैं।
डॉ. राजेश कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की मांग भी की है। इसके अलावा गरीबों के लिए बन रहे घरों का निर्माण कार्य तेज करने, सोलन अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती करने, एक्सरे मशीन और अतिरिक्त 108 एंबुलेंस का प्रावधान करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। साथ ही मुख्यमंत्री को सोलन आने का भी न्यौता दिया। इसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस मौके पर सोलन नगर परिषद और विभिन्न पंचायतों से करीब 362 लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। डॉ. राजेश कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सोलन वासियों की सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही है।
दोनों दलों ने बनाया था चुनावी मुद्दा
सोलन नगर परिषद के अधीन 15 वार्ड हैं और करीब 60 हजार की आबादी है। नप को नगर निगम बनाने की मांग लंबे अरसे से चल रही है। पूर्व नप अध्यक्ष कुल राकेश पंत ने सोलन को निगम बनाने को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू किया था। इसके लिए शहर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। इसके अलावा आसपास की पंचायतों में लोगों को निगम में शामिल होने के लिए जागरूक किया। विधानसभा चुनाव के दौरान निगम का मसला दोनों ही राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने उठाया था। अब मुख्यमंत्री दरबार तक इसकी गूंज पहुंच गई है। भाजपा के उम्मीदवार रहे डॉ. राजेश कश्यप ने मुख्यमंत्री के समक्ष सोलन को नगर निगम बनाने की मांग रखी है। सोलन को निगम बनाया जाता है तो शहर को आर्थिक मदद आसानी से उपलब्ध होगी। शहर का विस्तार होने से पेयजल, पार्किंग और जाम जैसी दुविधा से भी लोगों को मुक्ति मिल जाएगी।
ट्रांसपोर्ट नगर का यह है मामला
फोरलेन प्रस्तावित होने के बाद हाइवे पर बसे मोटर कारीगरों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। नेशनल हाइवे किनारे चंबाघाट, देहूंघाट और बाइपास पर करीब 250 मोटर कारीगर बेरोजगार होने की कगार पर हैं। इनके लिए ट्रांसपोर्ट नगर लंबे समय से प्रस्तावित है। लेकिन इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। सोलन शहर में ट्रांसपोर्ट नगर बनता है तो इन सभी कारीगरों को वहां एक जगह बैठाया जा सकता है।