स्वास्थ्य विभाग ने किया अलर्ट जारी, संबंधित क्षेत्रों में करेंगे जागरूक
शरीर पर रोव बीटल नामक कीड़े के कारण हो रही है यह स्किन एलर्जी
डॉक्टरों की सलाह, घास काटने के लिए शरीर को पूरा ढकना जरूरी
निशिल मेहता
सोलन। स्क्रब टायफस के साथ अब नई बीमारी के मरीज आने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रीय अस्पताल में मात्र तीन दिनों में पेडेरस डर्मेटाइटिस के 41 नए मरीज पॉजिटिव आए हैं। यह मरीज सिरमौर के राजगढ़ समेत सोलन के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं। वहीं मरीज आते ही स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित क्षेत्र के खंड चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। आशा वर्करों को संबंधित गांव में जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। साथ ही जरूरी दवाओं का आवंटन को भी कहा गया है।
चिकित्सकों के अनुसार सोलन और सिरमौर जिले में घास को काटने का सीजन अब शुरू हो गया है। ऐसे में स्क्रब टायफस के कीड़े के बाद अब लोगों के लिए रोव बीटल भी परेशानी का कारण बन गया है। इसके कारण लोगों को अब पेडेरस डर्मेटाइटिस नामक त्वचा की बीमारी से भी जूझना पड़ रहा है। वहीं जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रोजाना दोनों राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज उपचार करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना अस्पताल में 10 से 15 मरीज इस बीमारी से ग्रसित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
लोगों में घास में रोव बीटल नामक कीड़े के कारण यह त्वचा रोग तेजी से बढ़ रहा है। यह कीड़ा लोगों की त्वचा पर जाकर अपने शरीर से जहरीला पदार्थ छोड़ता है। जिस कारण संबंधित त्वचा पर करीब 24 से 48 घंटों के बाद लक्षण दिखने लगते हैं। इसमें मरीज की त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन और पानी या मवाद भरे छाले बन जाते हैं। इस कारण तेज जलन और दर्द होने लगती है। वहीं कई स्थिति में तेज दर्द के कारण बुखार भी हो सकता है। वहीं इसे ठीक होने में भी काफी अधिक समय लग सकता है। वहीं यदि गलती से छाले फूट जाएं, तो जलन और अधिक तेज व असहनीय हो सकती है।
इनसेट
कैसे होती है बीमारी
अनजाने में रोव बीटल नामक कीड़े को त्वचा पर रगड़ने या मसलने से यह समस्या होती है। मसले जाने पर यह बचाव में अपने शरीर से जहरीला पदार्थ छोड़ता है, जिसके संपर्क में आने से शरीर में यह रोग फैलता है। मानसून के समय में यह कीड़ा अधिक दिखाई देता है, वहीं घास के साथ यह रात में ट्यूबलाइट या बल्ब की रोशनी से आकर्षित होते हैं और लोगों के घरों तक भी पहुंच सकते हैं।
इनसेट
पेडेरस डर्मेटाइटिस बीमारी के लक्षण
इस कीड़े के संपर्क में आने के 24 से 48 घंटे के अंदर त्वचा पर तेज जलन और खुजली शुरू हो जाती है। इसके बाद त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन और पानी या मवाद भरे छाले बन जाते हैं। छाले अक्सर एक सीधी या रेखीय लकीर के आकार में होते हैं। इसमें तेज दर्द होता है।
इनसेट
पेडेरस डर्मेटाइटिस बीमारी से बचाव
यदि कीड़ा त्वचा पर दिखे, तो उसे मसलने के बजाय फूंक मार कर हटाएं। त्वचा पर कीड़ा लग जाए, तो तुरंत साबुन और ठंडे पानी से धोएं। लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर की सलाह लें और दवाएं लगाएं।
कोट
अस्पताल में रोजाना पेडेरस डर्मेटाइटिस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह अक्सर घास या रोशनी के पास दिखाई देता है। ऐसे में लोगों को घास काटते समय पूरी त्वचा को ढक कर रखना चाहिए। इसके अलावा लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए। - डॉ. अर्पणा शर्मा, चर्म रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन