जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत : डीपीआरओ
जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में उपायुक्त दी जानकारी
अधिकारियों को बाल कल्याण योजनाओं को लाभार्थी तक पहुंचाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में बाल कल्याण गतिविधियों की समीक्षा की गई और बच्चों की सुरक्षा व सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की ओर से चलाई जा रही बाल कल्याण योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र लाभार्थी तक पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना जिले में अब तक 324 बेसहारा बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 203 लाभार्थियों को 26.36 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन बच्चों की जरूरतों की नियमित निगरानी की जाए। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत सोलन में वर्तमान में 2 बाल-बालिका आश्रम, एक स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी और कथेड़ में एक ओपन शेल्टर होम संचालित है। इन संस्थानों में 73 बच्चे रह रहे हैं, जिन्हें मानकों के अनुसार भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। बैठक का संचालन जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुरेंद्र तेगटा ने किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रशांत सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक (अतिरिक्त कार्यभार) अभिषेक एस समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बाल श्रम की टोल-फ्री नंबर 1098 पर दें सूचना
उपायुक्त ने बाल श्रम और बच्चों के भीख मंगवाने की कुप्रथा को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाया है। संबंधित विभागों को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए गए। आम जनता और मीडिया से अपील की गई कि बाल श्रम की सूचना तुरंत टोल-फ्री नंबर 1098 पर दें। पुलिस और श्रम विभाग को बाल संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।