आदर्श आचार संहिता लागू होने
से बाद लटके करोड़ों के प्रोजेक्ट
जोघों-स्वारघाट हाईवे पर क्रैश बैरियर और पुलों का होना था निर्माण
अब इन कार्यों के लिए करना पड़ेगा लोकसभा चुनाव तक का इंतजार
संतोष कुमार
नालागढ़ (सोलन)। आचार संहिता लागू होने के बाद औद्योगिक हब बीबीएन के तहत नालागढ़-स्वारघाट हाईवे पर सुरक्षा की दृष्टि से लगने वाले क्रैश बैरियर पर ब्रेक लग जाएगी। जोघों से स्वारघाट तक क्रैश बैरियर स्थापित करने का प्रस्ताव था। यह हाईवे क्षेत्र का एकमात्र एनएच है, जिसकी सड़क का नालागढ़ से जोघों तक काम हो चुका है और अब द्वितीय चरण में जोघों से स्वारघाट तक 20 करोड़ की लागत से जहां क्रैश बैरियर स्थापित होने थे, वहीं, इसमें डंगे और ड्रेनेज का निर्माण भी पूरा किया जाना था। इसके बाद यह मार्ग सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत बन सकता था। जोघों से स्वारघाट तक 17 किलोमीटर मार्ग को भी सुरक्षा के दृष्टिगत मजबूत बनाने के लिए नेशनल हाईवे विभाग ने प्रारूप तैयार कर इसे केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा है, जहां से इसकी मंजूरी की मुहर लगनी बाकी है, लेकिन अब आचार संहिता लागू होने से इसकी मंजूरी लोकसभा चुनाव तक लटक जाएगी। इस एनएच की दुर्दशा का खामियाजा क्षेत्र के लोग एक दशक से झेल रहे हैं और आखिरकार इस मार्ग को 90 एमएम की डीबीएम और 40 एमएम की बीसी लेयर डालकर पूरी तरह से पक्का बनाया गया। इस कार्य का फिनिशिंग का काम प्रगति पर है।
सात पुलों का निर्माण भी लटकेगा
जोघों-स्वारघाट के 17 किलोमीटर भाग समेत पूरे मार्ग पर 7 पुलों को डबल लेन बनाने के लिए भी केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से पत्राचार किया गया है। इसके तहत कुंडलू, महादेव और चिकनी-4 बड़े पुल पहले से बने हुए हैं, लेकिन इसके मध्य 7 ऐसे पुल आते हैं, जो सिंगल और तंग हैं, इन्हें चौड़ा करने का काम किया जाएगा। इसी कड़ी में अब वाहन सुरक्षा के दृष्टिगत जोघों से स्वारघाट तक मार्ग पर 20 करोड़ की धनराशि खर्च कर यहां क्रैश बैरियर, डंगे और ड्रेनेज की व्यवस्था की जानी है, लेकिन अब इस सब के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
केंद्र को भेजा था 20 करोड़ का प्रस्ताव : एनएच
एसडीओ एनएच विभाग नालागढ़ कुलदीप सिंह ठाकुर ने कहा कि इस एनएच पर जोघों से स्वारघाट सड़क में क्रैश बैरियर, डंगे और ड्रेनेज के निर्माण करने के लिए केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से पत्राचार किया गया है और 20 करोड़ की लागत का एस्टीमेट बनाकर सौंप दिया गया है। इसकी मंजूरी मिलते ही इसकी प्रोसेस शुरू हो पाएगा। आचार संहिता लागू होती है तो लोकसभा चुनाव के बाद काम पूरा करवाया जा सकेगा।