फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नप यूरोपियन तकनीक से बनाएगा पानी के टैंक

विज्ञापन
water tank
विज्ञापन
सोलन। शहर में बढ़ती पेयजल समस्या से निजात पाने के लिए नगर परिषद अब वार्डों में यूरोपियन तकनीक से वाटर टैंक का निर्माण करेगी। इन टैंकों में एल्यूमिनियम की परत चढ़ी होगी। इससे पानी का तापमान सामान्य बना रहेगा। यही नहीं इन टैंकों में पानी भी स्वच्छ रहेगा। टैंक बनाने में जगह भी कम लगेगी। एक टैंक का निर्माण तो से तीन दिन के भीतर हो जाएगा।
विज्ञापन

नगर परिषद प्रयोगात्मक तौर पर वार्ड-11 में दो वाटर टैंक बनाएगी। इसके लिए मुंबई की कंपनी को आर्डर दिया है। टैंकों के निर्माण में करीब 60 लाख रुपये खर्च आएगा। इसका कार्य नगर परिषद जल्द शुरू करने वाली है। इससे शहर के वार्डों में हो रही पेयजल किल्लत से छुटकारा मिलेगा। यह गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं के बने मुख्य टैंकों का भी वैकल्पिक बन सकता है। इसमें मुख्य टैंकों से पानी की सप्लाई देकर पानी को स्टोर किया जा सकता है।
वर्तमान में नगर परिषद के पास मुख्य भंडार टैंकों के अलावा कोई और अन्य वैकल्पिक पानी को स्टोर करने के लिए कोई भी साधन नहीं है। इसके चलते अगर कभी मुख्य टैंकों की सफाई करनी होती है तो शहर में पानी की सप्लाई भी ठप पड़ जाती है। यदि इस यूरोपियन टैंक की योजना रंग लाती है तो शहर में हो रही पेयजल किल्लत से लोगों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। यूरोपियन तकनीक से बनने वाले जिंक एल्यूम वाटर टैंक को प्रयोगात्मक तौर पर अपनाने के लिए नप वार्ड-11 में अढ़ाई-अढ़ाई लाख पानी की क्षमता के दो टैंकों का निर्माण करेगी। कंपनी के दरों के मुताबिक इस प्रकार के टैंकों की लागत कंकरीट के टैंक के आसपास ही रहेगी। यदि नगर परिषद यह पहल सफल रही तो वार्ड क्षेत्रों में लोगों को मांग अनुसार पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन


टैंक बनाने को कम जमीन की जरूरत
यूरोपियन तकनीक से टैंकों के निर्माण से कंकरीट के टैंकों के मुकाबले कम जगह की जरूरत रहती है। इसमें लीकेज की समस्या न के बराबर रहती है और सफाई करना भी आसान होता है। इसे चार स्तंभों को खड़ा कर भी बनाया जा सकता है। यह कम जगह घेरता है। वहीं एक टैंक के ऊपर दूसरे टैंक का निर्माण भी किया जा सकेगा।

यह है टैंक की खासियत
इन टैंकों की खास बात यह है कि इन्हें बनाने करने में कम वक्त लगता है। कंपनी का दावा है कि माल की सप्लाई पहुंचते ही तीन से चार दिन के अंदर टैंक बन जाएगा। जिंक एल्यूमिनियम की परत से तैयार होने वाले टैंक में सूरज की ऊर्जा को 60 फीसदी तक रिफलेक्ट करने की क्षमता का दावा किया जा रहा है। यानी टैंक में सूरज की गर्मी पढ़ने के बावजूद पानी का तापमान सामान्य बना रहेगा। टैंक अंदर इंफिनिटी लाइनर की परत चढ़ाई जाती है। इससे पानी का तापमान सामान्य बनने के साथ लीकेज की गुंजाइश नहीं रहती। साथ ही टैंक को साफ करने में भी आसानी रहती है। कंपनी की तरफ से टैंक की इंस्टॉलेशन होते ही 40 वर्ष की वारंटी दी जाएगी।

जल्द किया जाएगा कार्य शुरू : ठाकुर
नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि शहर के वार्ड-11 में प्रयोगात्मक तौर पर जिंक एल्यूमिनियम की परत वाले दो टैंकों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने इस प्रकार की योजना को दिल्ली में देखा था। इसके बाद इसे बनाने वाली कंपनी से उन्होंने सोलन में इसे बनाने की बात की थी। इसके बाद उन्होंने यहां के लिए इसे सही बताया था। ट्रायल के रूप में पहले वार्ड नंबर 11 में दो टैंकों का निर्माण होगा जिससे शहर में पेयजल किल्लत से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें