धर्मपुर (सोलन)। कसौली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने सात पदाधिकारियों को पार्टी से बाहर करने की सिफारिश की है। इन पर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने के आरोप हैं। इनमें पूर्व विधायक सत्यपाल कम्पोज और मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर का नाम भी शामिल है। इन सभी पर विस चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने का आरोप है।
कसौली भाजपा ने 92 बूथों की समीक्षा बैठक के दौरान सभी सात पदाधिकारियों को हटाने की सिफारिश पार्टी हाईकमान को भेजी है। पूर्व विधायक सत्यपाल कंपोज और उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर सुल्तानपुर के अलावा नरेंद्र अत्री जाबली, देवराज ठाकुर भोजनगर, सुरेंद्र ठाकुर सुल्तानपुर, मनीष गुप्ता सुबाथू और हरमेल धीमान परवाणू के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के मंडल अध्यक्ष दौलत राम ठाकुर ने की। कसौली निर्वाचन क्षेत्र के विधायक डॉ. राजीव सहजल भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ बूथों पर पदाधिकारी एवं पूर्व सदस्यों ने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम किया है। पार्टी ने इन सभी लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का दोषी पाया है। इन लोगों के खिलाफ बैठक में भाजपा मंडल ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर दिया है। यह प्रस्ताव भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सती को भेजा है। पार्टी ने इन सात कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रदेशाध्यक्ष से मांग की है।
पार्टी के विरोध में किया था काम : ठाकुर
पार्टी के वरिष्ठ नेता सुंदरम ठाकुर और मदन मोहन मेहता ने कहा कि हरमेल धीमान चुनाव से लगभग छह माह पहले से वर्तमान भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ जगह-जगह जाकर प्रचार कर रहे थे। पार्टी की टिकट के लिए दावेदारी भी जताई थी। न ही इन्होंने भाजपा मंडल की बैठक में कभी भी शिरकत नहीं की। अब जब समीक्षा बैठक में पार्टी विरोधी गतिविधियों का कुछ बूथों से पता चला है तो भाजपा मंडल की ओर से इस रिपोर्ट को आधार मानकर इन्हें पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव पास किया है।
पार्टी किसी परिवार की जागीर नहीं : कंपोज
कसौली के पूर्व विधायक सतपाल कंपोज ने कहा कि पार्टी किसी के परिवार की जागीर नहीं है। उन्होंने उस वक्त पार्टी को सींचा है जब कोई भी भाजपा के साथ चलने को तैयार नहीं था। कंपोज ने बताया कि उन्होंने 1980 में भाजपा की सदस्यता ली और घर-घर जाकर लोगों को पार्टी के साथ जोड़ा उन्हें पार्टी के सिद्धांत बताए। कंपोज ने आरोप लगाया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव से पूर्व परवाणू से हरमेल धीमान को टिकट देने की पैरवी की थी। यह चुनाव से पहले का अवसर था। लेकिन पार्टी हाईकमान ने हरमेल धीमान को टिकट नहीं दी तो वे पूरी तरह खामोश हो गए। उन्होंने पार्टी सिद्धांत के बाहर जाकर कोई गतिविधि नहीं की। लेकिन इसके बावजूद उन्हें जबरन पार्टी से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। बताया कि वे अपना पक्ष पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के सामने रखेंगे।