सोलन। छंटनी का दौर गुजरने के साथ ही जिला में काफी हद तक उम्मीदवारों की स्थिति साफ होने लगी है। अब जिला की पांचों विधानसभा सीटों पर 22 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। जिन उम्मीदवारों के नामांकन छंटनी में सही नहीं पाए गए उन्हें बाहर कर दिया है।
कसौली में पांच उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। यहां जनरल समाज पार्टी के राम रत्न धालीवाल का नामांकन स्वीकार नहीं हुआ है। वे जरूरी कागजात पूरे न होने की वजह से नामांकन दाखिल करने से चूक गए। कसौली की निर्वाचन अधिकारी शिल्पी बेक्टा ने बताया कि अब यहां पांच उम्मीदवार मैदान में हैं और छठा नामांकन स्वीकार नहीं हुआ है।
दून में सबसे कम तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के अलावा एक निर्दलीय प्रत्याशी मैदान है। सोलन और अर्की विधानसभा क्षेत्र में चार-चार लोगों के बीच मुकाबला होना है। जबकि नालागढ़ में सबसे अधिक छह उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार जिला में भाजपा, कांग्रेस, सपा, सीपीआईएम और स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। छंटनी के बाद निर्वाचन आयोग ने दो दिन का समय नाम वापस लेने के लिए तय किया है। 26 अक्तूबर का नाम वापस लेने की तारीख तय की गई है।
इसके बाद उम्मीदवारों की सूची और निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित किए जाएंगे। प्रचार सात नवंबर शाम तक जारी रहेगा। सोलन जिला इस बार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अर्की से चुनाव लड़ने से चर्चित है। सोलन सदर में ससुर और दामाद के बीच चुनावी जंग हो रही है तो नालागढ़ में कांग्रेस के बीच बगावत का परिणाम लोगों को उत्सुक कर रहा है। बहरहाल, अभी नाम वापस लेने की रस्म अदायगी बाकी है। उसके बाद ही चुनाव की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। भाजपा और कांग्रेस के बीच ताल ठोंक रहे दूसरे प्रत्याशियों की स्थिति 26 अक्टूबर शाम तक सबके सामने होगी।
26 को नाम वापसी के बाद बंटेंगे चुनावचिन्ह : उपायुक्त
उपायुुक्त राकेश कंवर ने बताया कि जिला में छंटनी के बाद 22 उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए गए हैं। जिन्हें अब 26 अक्टूबर को नाम वापसी के लिए रखा जाएगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव चिन्ह वितरित किए जाएंगे। सभी उम्मीदवार आयोग के तय नियमों के दायरे में आचार संहिता का सम्मान करते हुए प्रचार कर पाएंगे। मतदान नौ नवंबर को होगा।