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Solan News: सोलन अस्पताल में एक सप्ताह में हर्निया के 30 नए मरीज, युवाओं में बढ़ रहे मामले

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खांसते समय अधिक जोर लगाने के कारण कमजोर हो रही हैं मांसपेशियां
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एक माह में अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से 15 मरीजों का किया गया उपचार
एसिडिटी, कब्ज और गलत खानपान के साथ धूम्रपान बन रहा हर्निया का कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में हर्निया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 30 नए मरीजों में हर्निया की पुष्टि हुई है। वहीं, पिछले एक माह में इस बीमारी के 20 से 25 ऑपरेशन किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, धूम्रपान, मोटापा, भारी वजन उठाने और कब्ज के दौरान अधिक जोर लगाने जैसे कारण हर्निया का जोखिम बढ़ा सकते हैं। अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
धूम्रपान करने वालों में लंबे समय तक खांसी रहने से पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे हर्निया का खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह, कब्ज के कारण मल त्याग के दौरान अधिक जोर लगाने से भी पेट पर दबाव बढ़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित खानपान, वजन नियंत्रित रखने और कब्ज का समय पर उपचार कराने से जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
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क्षेत्रीय अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से भी करीब 15 मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। चिकित्सकों के अनुसार, हर्निया का उपचार उसकी स्थिति और गंभीरता पर निर्भर करता है। कई मामलों में सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है।

इनसेट: क्या है हर्निया?
हर्निया ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट की मांसपेशियों या आसपास के ऊतकों के कमजोर हिस्से से कोई अंदरूनी अंग या ऊतक बाहर की ओर उभरने लगता है। प्रभावित स्थान पर उभार दिखाई देना, दर्द या असहजता इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। समय पर चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार जरूरी है।
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इनसेट: हर्निया के प्रमुख कारण
पेट की मांसपेशियों या ऊतकों का कमजोर होना।
भारी वजन उठाते समय अत्यधिक जोर लगाना।
मोटापा बढ़ना।
लगातार खांसी रहना।
कब्ज के कारण बार-बार जोर लगाना।
इनसेट: हर्निया से बचाव के उपाय
नियमित व्यायाम कर वजन नियंत्रित रखें।
भारी वजन उठाते समय सावधानी बरतें।
कब्ज की समस्या का समय पर उपचार कराएं।
धूम्रपान से बचें।
लगातार खांसी या पेट में असामान्य उभार होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
कोट
गलत खानपान और पुरानी बीमारियों का समय पर उपचार न करवाना हर्निया के जोखिम को बढ़ा सकता है। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना करीब पांच से छह मरीज हर्निया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ गंभीर मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है। समय पर बीमारी का पता चलने और उचित उपचार मिलने से मरीज की रिकवरी बेहतर हो सकती है। - डॉ. अंकित शर्मा, सर्जरी विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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