अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। जिले के कई निजी स्कूलों ने दो-तीन वर्ष में करीब 10 फीसदी फीस बढ़ाई गई है। इसका खुलासा शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों की तैयार रिपोर्ट के मूल्यांकन में हुआ है। इसमें प्रदेश के सभी निजी स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए टीमें गठित की गई थी।
इसमें टीम ने निजी स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाएं, स्कूल में पीटीए का गठित होना पिछले दो-तीन वर्ष का फीस वृद्धि रिकॉर्ड की एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें सोलन के भी 60 निजी स्कूल शामिल थे। वहीं तैयार रिपोर्ट का शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन कर रहा है। इसमें फीस बढ़ोतरी का मामला सबसे अधिक स्कूलों में पाया गया है। इसे लेकर शिक्षा विभाग आगामी रणनीति तैयार कर रहा है।
फीस बढ़ाने का नहीं है कोई नियम
निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग ने कोई भी रणनीति तैयार नहीं की गई है। इस ढील का फायदा उठाकर निजी स्कूल प्रबंधन भी अपनी मर्जी और बिना शिक्षा विभाग की अनुमति से फीस को बढ़ा रहे हैं। इसका नुकसान अभिभावकों को झेलना पड़ रहा है। हालांकि अभिभावकों ने इस फीस वृद्धि के मुद्दे को लेकर निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। इसके बाद संबंधित विभाग की हरकत में आ गया और निजी स्कूलों की मनमर्जी को रोकने के लिए टीम गठित कर उनका निरीक्षण किया गया।
कई स्कूलों ने बढ़ाई है फीस
शिक्षा विभाग उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सरवण कुमार ने बताया कि शिक्षा विभागने जिले के 60 निजी स्कूलों का निरीक्षण किया था। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा निदेशक के हवाले की थी। इसके प्राथमिक मूल्यांकन में पाया गया कि कई निजी स्कूलों ने दो-तीन वर्षों में दस फीसदी फीस में वृद्धि की है। अन्य विषयों पर भी जांच जारी है। इसके लिए विभाग रणनीति तैयार कर रहा है।