लोहड़ी पर्व के लिए सजने लगे जिले के बाजार
पर्व के लिए मूंगफली, गजक, तिल और अन्य सामान की खरीदारी को बाजार में पहुंच रहे लोग
सुंदर मुंदरिये के बोलों का इंतजार, इंटरनेट से विलुप्त हो रहीं पुरानी परंपराएं
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। लोहड़ी पर्व को लेकर सोलन में दुकानें सजना शुरू हो गई है। वहीं जगह-जगह पर मूंगफली, गजक, पॉपकॉर्न की खूब बिक्री हो रही है। बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। लोग दुकानों में जाकर मिठाइयां और त्योहार का अन्य सामान खरीद रहे हैं। हालांकि इस बार लोगों में लोहड़ी को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं है। लोग मात्र शगुन के लिए लोहड़ी की मिठाइयां, तिल, मूंगफली, गजक की खरीदारी कर रहे हैं। लोहड़ी पर्व पर आज के समय में सुंदर मुंदरिये के बोल बहुत ही कम सुनाई पड़ते हैं। कभी एक लोग एक जगह पर एकत्रित होकर हर घर से लकड़ी लेकर लोहड़ी जलाकर और सुंदर मुंदरिये गीत गाकर इस पर्व को मनाते थे। आजकल इंटरनेट और पाश्चात्य संस्कृति पर्वों पर भारी पड़ रही है। युवा वर्ग इंटरनेट की दुनिया ज्यादातर व्यस्त रहते हैं और प्राचीन संस्कृति को भुलाते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ही बधाइयों का संदेश दिया जा रहा है। पहले इस पर्व को एक साथ मिलकर मनाया जाता था। सोलन में एक समय ऐसा भी था कि जब नववर्ष के आगाज से ही लोहड़ी की तैयारियां शुरू हो जाती थीं।
एक स्थान पर एकत्रित होकर मनाते थे लोहड़ी
आज से कुछ सालों पहले लोहड़ी पर्व का अपना ही एक विशेष उत्साह था। इसकी तैयारी युवा सहित अन्य वर्ग के लोग इस त्योहार के आने से पहले ही शुरू कर देते थे। इसमें लोहड़ी पर जलाए जाने वाले अलाव के लिए प्रत्येक घर से एक-एक लकड़ी एकत्रित की जाती थी। वहीं जलाने के लिए गोबर के उपले भी इकट्ठे किए जाते थे। एकत्रित लकड़ियों और उपले जलाए जाते थे और महिलाएं सुंदर मुंदरिए का गीत गाती थीं।