फोरलेन और सीवरेज के काम न होने पर जताई नाराजगी
नालागढ़ विकास मंच की बैठक में क्षेत्र की समस्याओं पर विचार विमर्श
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी पर भी मंच खफा
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। तीन साल पहले शुरू हुआ सीवरेज के कार्य पूरा न होने और नालागढ़-पिंजौर हाईवे के फोरलेन निर्माण में देरी से नालागढ़ विकास मंच ने नाराजगी जताई है। मंच का कहना है कि सीवरेज का कार्य अधूरा होने के कारण आज लोगों को धूल मिट्टी और गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि फोरलेन निर्माण न होने के कारण नालागढ़ से बद्दी होते हुए पिंजौर हाईवे पर वाहन चालकों को काल का ग्रास बनना पड़ रहा है।
मंच ने सरकार से मांग की है कि इन प्रमुख दो समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। नालागढ़ विकास मंच के अध्यक्ष नरेश घई की अध्यक्षता में लोनिवि विश्राम गृह में आयोजित बैठक में क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दों पर गहनता से विचार विमर्श हुआ और विभिन्न समस्याओं और मांगों संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए। मंच ने प्रमुख रूप से नालागढ़ बद्दी फोरलेन, सीवरेज कार्य, अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, शहर में टूटी सड़कों और गलियों, शहर के विकास के लिए गठित होने वाली वार्ड स्तरीय कमेटियों आदि पर चर्चा की और प्रस्ताव पारित कर आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित किए। मंच के अध्यक्ष नरेश घई ने कहा कि मंच हमेशा ही सामाजिक और जनता के हितों के मुद्दों को उठाता आया है। उन्होंने कहा कि बैठक में आए मुददों पर विचार विमर्श करने के उपरांत प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जिन्हें आगामी कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ बद्दी हाईवे पर वाहनों की बहुतायत के चलते हो रहे सड़क हादसों पर विराम लगाने के लिए फोरलेन की अति आवश्यकता है, लेकिन राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण की ओर से कार्य शुरू ही नहीं किया गया और भूमि अधिग्रहण कार्य भी बीच में लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी आज तक सीवरेज का कार्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ अस्पताल में महत्वपूर्ण पदों में रेडियोलॉजिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ आदि के पद खाली चल रहे है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की फ्रेंड्ज कालोनी, शहर के नए बाजार के अलावा गलियां उखड़ी हुई हैं, जिससे लोग प्रतिदिन दो चार हो रहे हैं। शहर के विकास के लिए नगरपालिका अधिनियम के तहत गठित होने वाली वार्ड स्तरीय कमेटियों के न बनने से भी मंच में रोष है। उन्होंने प्रशासन, नगर परिषद और सरकार से मांग की है कि इन समस्याओं और मांगों पर गहनता से विचार करके इन्हें जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को इन समस्याओं से राहत मिल सके। बैठक में प्रो.एमएल गोयल, अशोक जैन, पंकज मल्होत्रा, नवदीप सूद, तेजपाल भारती, जितेंद्र कुमार, सेवा सिंह, प्रदीप बस्सी, जतिंद्र सिंह, मुश्ताक, सुराज बेगम, मीनू बस्सी आदि मौजूद रहे।