संडे सब्जी मंडी पर बड़े कारोबारियों का कब्जा
किसानों को नहीं मिल पा रही जगह, अधिकतर बाजार के सब्जी विक्रेता लगाते हैं मंडी सोलन के आसपास के किसानों के लिए 2002 में शुरू की थी किसान मंडी
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। शहर के पुराने बस अड्डे के पास लगने वाली सब्जी मंडी में अब अधिकतर विक्रेता शहर के दिखते हैं। संडे मार्केट को प्रशासन की ओर से शहर के आसपास के किसानों के लिए शुरू किया गया था। इस मंडी का मकसद था कि रविवार को गांव के लोग अपने उत्पाद को यहां पर बेच सकें और लोगों को ताजा सब्जी मिल सके, लेकिन कई सालों से संडे मार्केट में किसानों की संख्या कम ही देखी जा रही है।
संडे मार्केट में अधिकतर व्यापारियों की ओर से रेट लिस्ट नहीं लगाई जा रही है। रेट लिस्ट न होने के कारण कई बार लोगों को महंगे दामों पर सब्जी बेची जाती हैं, लेकिन इस और प्रशासन और मार्केट कमेटी की ओर से कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के पास ही हर रविवार को लगने वाली संडे मंडी में अब कुछ ही किसान अपना उत्पाद बेच रहे हैं। यहां पर किसी प्रकार की निगरानी न होने के कारण शहर के अन्य व्यापारी भी अपनी दुकानों को यहां लगा रहे है। पुराने बस अड्डे पर लगने वाली यह मंडी रविवार को सुबह से शाम तक चलती है। इस मंडी में किसान शहर के लोगों को सस्ते दामों पर सब्जियां बेचते हैं। कुछ वर्षों से इस मंडी में शहर के व्यापारियों ने अपना कब्जा कर लिया है जिसके बाद सोलन के आसपास के अधिकतर किसानों ने रविवार को यहां आना बंद कर दिया है।
नहीं लगी होती है रेट लिस्ट
संडे सब्जी मंडी में अधिकतर दुकानदारों की ओर से सब्जियों की रेट लिस्ट को नहीं लगाई जाती है। इसके चलते कई बार लोगों को महंगे दामों पर सब्जियों को बेचा जाता है। कई वर्षों से इस संडे सब्जी मंडी पर किसी की निगरानी नहीं है। इस कारण यहां कोई भी आकर अपनी रेहड़ियां लगा देता है।
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मामले की जांच करेंगे : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव प्रकाश कश्यप ने बताया कि मंडी में रेट लिस्ट लगाने के निर्देश सभी को दिए गए हैं। यदि इस तरह की कोई समस्या है तो इसकी जांच की जाएगी।