धर्मपुर में हाईवे पर दरकी पहाड़ी, मलबे में दबे 11 वाहन
कालका-शिमला मार्ग पर पहाड़ी के नीचे पार्क किए वाहन आए चपेट में, नहीं गई कोई जान
हादसे के बाद हाईवे पर आवाजाही हुई प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला हाईवे पर धर्मपुर मुख्य बाजार के नजदीक हुए भूस्खलन की जद में आने से सात गाड़ियां और चार मोटरसाइकिल स्कूटर दब गए हैं। यह सभी वाहन पहाड़ी के नीचे खड़े किए गए थे। गनीमत रही कि वाहनों में कोई भी मौजूद नहीं था। शिमला रोड पर सीआरपीएफ बटालियन की पहाड़ी पर दोपहर बाद करीब 4:20 बजे पहाड़ी खिसकना शुरू हुई। कुछ ही देर बाद भारी मात्रा एक साथ मलबा सड़क पर आ गया। भूस्खलन के दौरान करीब आधे घंटे तक हाईवे पर आवाजाही प्रभावित रही। फोरलेन निर्माता कंपनी ने भारी मशीनरी की मदद से मार्ग को बहाल कर दिया। पहाड़ से मलबा गिरने के कारण दो मारुति, तीन ऑल्टो कार, एक जाएलो, एक सिलेरिवो, एक कैंटर, तीन मोटरसाइकिल और एक स्कूटर मलबे में दब गए। स्थानीय निवासी विरेंद्र शर्मा, योगेश कुमार, कनिका, मनसवनी, संजय ने बताया कि जब पहाड़ से मलबा गिरा तो सड़क पर लगभग आधा घंटा तक जाम की स्थिति बनी रही। हादसे से सीआरपीएफ ट्रेनिंग कैंप में बने जवानों के आवासों पर खतरा बढ़ गया है। वहीं धर्मपुर में पानी के स्टोरेज टैंक को जाने वाले पानी के पाइप भी पहाड़ में मलबे की चपेट मे आने से टूट गए। बिजली के खंभे भी टूटे जबकि निर्माणाधीन शॉपिंग कांपलेक्स को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस थाना प्रभारी नवीन झालटा ने बताया कि अभी तक इसकी शिकायत नहीं आई है जिस कारण कोई मामला नहीं बनाया गया है। उन्होंने अवैध ढंग से खड़े वाहन चालकों से कहा कि बारिश के मौसम में पहाड़ के नीचे कोई भी अपना वाहन खड़ा न करें।
सीआरपीएफ के बेस कैंप को खतरा
भूस्खलन का शिकार पहाड़ी के ठीक ऊपर सीआरपीएफ का बेस कैंप है। भूस्खलन से कैंप को खतरा बढ़ गया है। भूस्खलन से प्रभावित पहाड़ी को सीआरपीएफ के नाम से ही जाना जाता है। भूस्खलन की वजह से बिजली-पानी की सप्लाई भी ठप हो गई है। आने वाले दिनों में यहां लोगों को संकट झेलना पड़ सकता है।