शूलिनी मेले के दौरान शरारती तत्वों पर नजर रखने के दावों की खुली पोल, प्रशासन ने अभी तक नहीं उठाए कदम
मालरोड सहित शहर के हिस्सों में लगे हैं कैमरे
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
शूलिनी मेले के दौरान पुलिस को असामाजिक तत्वों पर नजर रखने में परेशानी हो सकती है। हैरानी की बात यह है कि मालरोड सहित शहर के अधिकतर सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र मालरोड पर केवल एक ही कैमरा चल रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा कई सालों से इन कैमरों को नहीं बदला गया है। शूलिनी मेले में एक ओर पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं वहीं शहर के मालरोड पर सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं।
मेले के दौरान लोगों पर कैमरों से ही नजर रखी जा सकती है। शहर के मालरोड पर अधिकतर कैमरे खराब होने से असामाजिक तत्वों पर नजर रखना मुश्किल होगा। बताया जा रहा है कि मालरोड पर सुरक्षा के हिसाब से करीब 10 कैमरे लगाए गए हैं लेकिन यह अब शोपीस बनकर रह गए हैं। इन कैमरों में शहर में होने वाले घटनाक्रम कैद नहीं हो पाते। शूलिनी मेले के दौरान मालरोड पर भारी भीड़ रहती है। ऐसे में यहां पर चोरी की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। कैमरे के काम न करने पर पुलिस को शरारती तत्वों से निपटना मुश्किल हो सकता है। इसके साथ ही रात के समय आने-जाने वाले लोगों पर पुलिस की निगरानी भी कम रहेगी। पुलिस द्वारा मेले के दौरान कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं लेकिन कैमरों को ठीक करवाने की बात कोई नहीं कर रहा है। मालरोड के अलावा शहर के कई इलाकों में सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। कुछ समय पहले पुलिस प्रशासन ने इन कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए थे।
दुकानों में चोरी का डर
मालरोड पर अधिकतर दुकानें होने से यहां पर सुरक्षा के हिसाब से सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे। यदि चोरी की घटनाएं हो जाती हैं तो चोर को पकड़ना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाएगा। प्रशासन द्वारा यदि इन कैमरों को ठीक नहीं करवाया गया तो इस कारण शहर में कई घटनाओं को सुलझाने में पुलिस को दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं।
कैमरों को करवाया जाएगा ठीक : कुमार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार ने बताया कि खराब पड़े कैमरों को ठीक करने की योजना बनाई जा रही है। इन कैमरों को ठीक किया जाएगा। इसके जरिये असामाजिक तत्वों पर नजर रखना आसान रहता है। सुरक्षा के लिहाज से कैमरों को ठीक करवाना जरूरी है। खासकर शूलिनी मेले में लोगों की भीड़ ज्यादा रहती है जिसमें कई बार असामाजिक तत्व भी घुस आते हैं।