शहर के कारोबारियों के एक धड़े ने मौजूदा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, व्यापारियों ने बनाया अलग व्यापार मंडल
13 माह पूर्व हुए थे व्यापार मंडल के चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
महज तेरह माह के अंतराल में ही सोलन व्यापारमंडल में विद्रोह हो गया। मौजूदा प्रधान की कार्यप्रणाली से खफा कारोबारियों के एक वर्ग ने समानांतर व्यापारमंडल खड़ा कर दिया है। इस गुट के लिए बाकायदा अध्यक्ष का चयन भी कर लिया है। इसके लिए शुक्रवार देर शाम शहर में बैठक का आयोजन किया था। बैठक में कारोबारियों ने मौजूदा प्रधान की कार्यप्रणाली को लेकर मंथन किया और उसके बाद नए अध्यक्ष का चुनाव किया। नए संगठन का नाम भी सोलन व्यापारमंडल रखा है और फिलहाल इसे सिर्फ अध्यक्ष ही चलाएगा।
व्यापारमंडल पंजीकृत नहीं होगा। लेकिन किसी भी कारोबारी को जरूरत पड़ती है तो वह सीधे अध्यक्ष के पास जा सकता है। समांतर गुट खड़ा करने वाले कारोबारियों ने भविष्य में इसके विस्तार की संभावनाएं खुली रखी हैं। सीधे तौर पर लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए अध्यक्ष को हटाने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। दो गुटों में विभाजित कारोबारी अब समांतर संगठन चलाएंगे। सोलन व्यापारमंडल से करीब डेढ़ हजार कारोबारी जुड़े हैं। व्यापारमंडल का गठन सात मई को बाकायदा चुनाव प्रक्रिया से हुआ था। इस दौरान चारों मुख्य सीटें भाजपा समर्थित कारोबारियों ने अपने नाम की थी। इसमें मुख्य तौर अध्यक्ष के रूप में मुकेश गुप्ता का चयन हुआ था लेकिन एक साल के दरम्यान ही कारोबारी अब उनके खिलाफ हो गए हैं। इसमें मुख्य तौर मौजूदा अध्यक्ष पर कार्यकारिणी की नियमित बैठक न करवाने, जनरल हाउस न बुलाने और कारोबारियों की समस्याओं से किनारा कर लेने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
फेसबुक तक सीमित हैं वर्तमान अध्यक्ष : जेठी
समानांतर व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुशल जेठी ने कहा कि मौजूदा व्यापार मंडल अध्यक्ष की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। वे पिछले करीब एक साल से जरनल हाउस और तिमाही बैठकें बुलाने में नाकाम रहे हैं।
इसके अलावा अधिकारियों पर व्यापारमंडल का दबाव भी कम हो गया है। मौजूदा अध्यक्ष सिर्फ फेसबुक पर ही सक्रिय रहते हैं। व्यापारी वर्ग लगातार इनकम टैक्स की रेड और प्रशासन की मनमर्जी झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि अप्पर, लोअर, मालरोड, चौक और कोटलानाला व्यापार मंडल के समर्थन से वे अध्यक्ष बने हैं। अब सोलन शहर में वो ही होगा जो वे चाहेंगे। कहा कि यदि मौजूदा अध्यक्ष और व्यापारमंडल उनसे जुड़ना चाहेंगे तो वह उनकी शरण में आ सकते हैं।
मैंने जेठी को 150 वोटों से हराया है : गुप्ता
व्यापारमंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने कहा कि उन्होंने कुशल जेठी को व्यापार मंडल के चुनाव में 150 वोटों से हराया है। यदि अब वो दस लोगों के साथ बैठक करके खुद को अध्यक्ष घोषित करते हैं तो वे उन्हीं दस लोगों के अध्यक्ष गिने जाएंगे जो उनके साथ होंगे। कहा कि व्यापारमंडल के चुनाव में डेढ़ हजार कारोबारी वोट डालते हैं और उनकी जवाबदेही उन सबके प्रति है। पूर्व में व्यापार मंडल ने जो अधिनियम तय किए हैं उनमें व्यापार मंडल में अध्यक्ष का कोई पद ही नहीं है। वह तीन साल के लिए निर्वाचित अध्यक्ष हैं, बाकायदा लोकतांत्रिक तरीके से चयनित हुए हैं। इसलिए ऐसे अध्यक्ष घोषित होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।