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नौणी विवि में एबीवीपी छात्र संगठन का हंगामा, कुलपति का घेराव किया

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नौणी विवि में विरोध जताते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
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सोलन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नौणी इकाई ने मंगलवार को विवि परिसर में फीस वृद्धि को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने रैली निकाली और कुलपति का घेराव किया। नौणी विवि इकाई के अध्यक्ष हिमांशु चंदेल ने बताया कि पांच वर्षों में एक-एक कक्षा में 50 हजार रुपये से अधिक की फीस बढ़ाई चुकी है। पांच वर्ष पूर्व बीएससी प्रथम वर्ष के एक सेमेस्टर की फीस 34 हजार रुपये थी जबकि आज यह 84 हजार हो चुकी है।
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विवि में प्राध्यापकों की कमी के कारण छात्रों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कुछ विभाग तो मात्र 5 से 6 प्राध्यापक चला रहे हैं, लाखों रुपये की फीस देने के बावजूद 120 विद्यार्थियों को एक साथ एक ही कक्षा में पढ़ाया जाता है। कक्षा में कोई माइक की व्यवस्था नहीं है जिससे छात्रों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं के छात्रावासों के रास्तों पर सारी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं, जिस कारण शाम के समय जब छात्राएं लाइब्रेरी से छात्रावास को जाती हैं तो अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं।
चंदेल ने कहा कि पुराने हॉस्टलों के खस्ताहाल हो चुके हैं विवि प्रशासन इसकी रिपेयर की जरा भी चिंता नहीं कर रहा है। सभी छात्रावासों की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। लंबे समय से विवि में जिम खोलने की मांग की जाती रही है लेकिन प्रशासन केे कान में जूं नहीं रेंगती। इकाई अध्यक्ष हिमांशु चंदेल ने कहा कि नौणी विवि में शिक्षा ग्रहण करना आम छात्रों की पहुंच से बहुत दूर है। यह हिमाचल एक मात्र ऐसा सरकारी विश्वविद्यालय है जहां पर एक स्नातक डिग्री में एक वर्ष की फीस लाखों में है।
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उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नौणी इकाई छात्रों की समस्याओं को लेकर आज कुलपति से मिली फीस वृद्धि का मुद्दा उठाया, प्राध्यापकों के रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की। इकाई अध्यक्ष ने कहा कि मांग पूरी न होने पर विद्यार्थी परिषद नौणी इकाई विवि में आम छात्रों को लामबंद करते हुए उग्र आंदोलन करेगी। इस अवसर पर विद्यार्थी परिषद् के विभाग संगठन मंत्री कुलदीप सुमन, इकाई मंत्री दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष उमेश शर्मा, ध्रुव सागर, अंकुश ,डेविड, मुकेश, मुकल, नकुल, सुगंधीनि, प्रियंका सहित करीब 200 से अधिक कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।

नौणी विवि के पास फंड की कमी : कुलपति
नौणी विवि के कुलपति डॉ. आरसी शर्मा ने बताया कि फंड की कमी होने से विवि में ज्यादा बदलाव नहीं किए जा सकते हैं। नौणी विवि की फीस अन्य निजी विवि के मुकाबले बेहद कम है। कहा कि मंगलवार को हुआ प्रदर्शन बाहरी तत्वों से प्रेरित था। नौणी विवि में पढ़ाई कर रहे छात्र यहां के हालात और जरूरत को समझते हैं। विवि को जितने फंड मिल रहे हैं उतने में बड़ी मुश्किल से प्रबंधन सत्र का खर्च चला पा रहा है। यदि इसमें और बदलाव के प्रयास किए गए तो विवि को बंद करने की नौबत आ सकती है।
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