अर्की (सोलन)। दो दिवसीय ऐतिहासिक सायर मेला अर्की का सांस्कृतिक संध्या के साथ समापन हो गया। इसमें स्थानीय तथा बाहर से आए कलाकारों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। स्थानीय कलाकारों में मास्टर लक्की ने सूफी गीतों से लोगों का मनोरंजन किया। लक्की ने मुस्कुराने की वजह तुम हो, मेरे रश्के कमर जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। इसके बाद मास्टर यशराज शर्मा ने पंजाबी गीत हो लाल मेरी पत रखियो सदा झूले लालन, छाप तिलक सब छीन ली तथा पहाड़ी गीत काटी लेणी कुकड़ी रे जैसे गीतों से सबका मन मोह लिया। इसके बाद केके भारद्वाज ने पहाड़ी गोरिये पुली मत जांदी मेरा प्यार तथा पंजाबी गीतों को सुनाकर वाह वाही लूटी।
इस दौरान मंच पर सजे रुद्राक्ष बैंड ने मधुर धुनें सुना कर लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद सारेगामापा फेम योगेश मुकुल ने मंच संभाला। लोगों ने सीटियां बजाकर उनका स्वागत किया। मुकुल ने मैं तैनू समझावां की, दिल दिया गल्लां, खामोशियां और जिया न जाए जैसे गीतों को सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हेमंत शर्मा ने पहाड़ी गीत सुनाकर लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद स्टार नाइट के प्रमुख कलाकार शिवजोत ने मंच संभाला।
उन्होंने तेरी मेरी टुट जू, तेरे पल्ले फड़िया एक मेरे थल्ले फोड और आज किथे चले मोरनी बनके, उनका फेमस गीत फायदा कि प्लाजो पाके निकली दा जैसे गीतों पर लोग खूब झूमते नजर आए। अंतिम सांस्कृतिक संध्या का लोगों ने खूब आनंद उठाया। दो दिवसीय मेले में पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था अच्छी नजर आई। इससे पहले मेला कमेटी ने संध्या के मुख्यातिथि एसपी सोलन मधुसूदन को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर एसडीएम छवि नांटा, डीएसपी अमित शर्मा, पार्षद आशा परिहार, बीना ठाकुर, रमेश ठाकुर, योगेश गौतम, सोनू सोनी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।