सोलन। शहर में अवैध निर्माण को लेकर नगर परिषद कटघरे में आ खड़ी है। वैध शहर अवैध निर्माण का अड्डा बनता जा रहा। बेतरतीब निर्माण कार्य जारी है और नप खामोश। सालों से यह सिलसिला चलता रहा लेकिन कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि शहर में अवैध भवन निर्माण का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहा है। इस मुद्दे पर जहां कई बार नप की बैठकों में चर्चा होती रही वहीं सार्वजनिक तौर पर कई संगठनों ने आवाज भी उठाई। लेकिन दुखद यह है कि शहर की सरकार कही जाने वाली नप आज तक शहर में अवैध भवनों के निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। अवैध निर्माण पर कार्रवाई के नाम पर बस नोटिस जारी कर कर्तव्य की इतिश्री की जाती रही है। अवैध निर्माण करने वाले कई रसूखदार तो इनका जवाब देना भी उचित नहीं समझते। इसी क्रम में नप ने बीते दिनों भी163 लोगों को 211 के नोटिस जारी किए हैं।
वर्ष 2015 में नप ने शहर में बिल्डरों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर शिकंजा कसने के लिए एक टेक्निकल कमेटी का गठन किया था। कमेटी में तत्कालीन पांच पार्षद शामिल थे और इन्हें शहर में बिल्डरों द्वारा किए जाए रहे अवैध निर्माण पर सर्वे कर रिपोर्ट सौंपनी थी। इस टेक्निकल कमेटी ने न सर्वे किया न ही रिपोर्ट सौंपी। यह कमेटी महज एक औपचारिकता साबित हुई। वर्तमान नप की कार्यकारिणी में ऐसी किसी कमेटी का प्रावधान नहीं है। नप की सुस्त कार्यशैली का फायदा उठाकर और रिटेशन पॉलिसी के लालच में शहर में बिल्डरों व भवन मालिकों ने नियमों को ताक पर रख नक्शों के विपरित बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दी है। भवन मालिकों ने टीसीपी की ओर से घोषित सिंकिंग जोन में भी भवनों का निर्माण किया है। अंधाधुंध भवन निर्माण के चलते एक दशक के दौरान आधा दर्जन भवन ढह चुके है। हालांकि बीते दिनों प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माण तोड़े हैं जिसके चलते नप की खासी किरकिरी हुई है।
कागजों में ही सिमट गई जीआईएस योजना
वर्ष 2015 में नप ने अवैध कब्जों को रोकने के लिए जीआईएस प्रणाली (भौगोलिक सूचना प्रणाली ) पर सर्वे करवाया था। उस दौरान दिल्ली से सर्वे के लिए आई छह लोगों की स्पेशल टीम ने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर की निशानदेही की थी। तत्कालीन नप अध्यक्ष का दावा था कि इससे शहर में हो रहे अवैध निर्माण का पता चलेगा साथ ही बिजली-पानी में हो रही टैक्स चोरी भी आईडेंटिफाई होगी। इसके बाद नप जल्द कार्रवाई करेगी लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
बैठक में लिया जाएगा निर्णय
नप के 12 जनवरी के जनरल हाउस में 163 लोगों के अवैध निर्माण के एवज में जारी नोटिसों पर कार्रवाई का फैसला लिया गया। नगर परिषद ईओ बीआर नेगी ने बताया कि जीआईएस योजना लागू करने का फैसला जनरल हाउस को लेना है। जल्द इस विषय में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।