परवाणू (सोलन)। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद परवाणू के कुछ उद्योगों पर प्रदूषण फैलाने पर गाज गिरना शुरू हो गई है। प्रदूषण फैलाने पर नौ उद्योगों की पहले ही बिजली काटी जा चुकी है। अब 39 और उद्योगों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी हुए हैं। आगामी दिनों में 12 अन्य उद्योगों के भी बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी हो चुके हैं। इन पर रविवार को कार्रवाई होगी। इस कार्यवाही के बाद परवाणू के उद्योगपतियों में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रदूषण और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का सही इंतजाम न होने से हाईकोर्ट नाराज है। इसके चलते प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर हाईकोर्ट सख्त कार्यवाही कर रहा है। न केवल प्रदूषण बल्कि प्रापर्टी टैक्स जमा न करने वाले उद्योगों के भी बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। शनिवार तक कटे 48 उद्योगों के कनेक्शन बिजली बोर्ड के कर्मचारी काट चुके थे। इनमें 14 कनेक्शन प्रदूषण बोर्ड और 25 कनेक्शन नगर परिषद की सिफारिश पर कटे हैं। रविवार तक 12 और कनेक्शन काटे जाने हैं।
बफिंग करने वाले उद्योग आए निशाने पर
बिजली काटने के ज्यादातर मामले बफिंग उद्योग से जुड़े हैं। दरअसल परवाणू में आए ज्यादातर मामले चूल्हों में बफिंग करने वाले उद्योगों से जुड़े हैं। इन कंपनियों में सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है लेकिन पर्यावरण के मापदंडों का यह उद्योग जरा भी पालन नहीं करते। इसके चलते हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रदूषण बोर्ड भी हरकत में आया है और बफिंग उद्योग से जुड़ी कंपनियों पर कार्यवाही कर रहा है।
जल्द काटे जाएंगे बाकी कनेक्शन भी : बोर्ड
विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता अशोक ठाकुर ने कहा कि प्रदूषण बोर्ड की सिफारिश पर 14 और नगर परिषद की सिफारिश पर 25 उद्योगों के कनेक्शन काटे गए हैं। इसके अलावा 12 अन्य उद्योगों के कनेक्शन भी कटे जाएंगे। बताया कि यह कार्रवाई जल्द ही अमल में लाई जाएगी।