सोलन। शहर के दो स्कूलों की आपसी लड़ाई में करीब साढ़े तीन सौ बच्चों को भवन नसीब नहीं हो रहा। भवन का उद्घाटन होने के बावजूद बच्चे कड़ाके की ठंड में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। नवनिर्मित भवन पर एक विभाग ने ताला जड़ दिया है। इससे शहर के सबसे बड़े सरकारी स्कूल पर संकट गहरा गया है। स्कूल के पास बच्चों को बैठाने लायक जगह नहीं है। बच्चे खुले आसमान तले ठंड में बैठने को मजबूर हैं।
सोलन शहर के बीचोंबीच गर्ल्स स्कूल की परिधि में स्थापित इस प्राइमरी स्कूल में करीब साढ़े तीन सौ बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें हर कक्षा की ए और बी सेक्शन बनाईं गई हैं। स्कूल के पास इस समय कुल छह कमरे हैं। इनमें सिर्फ छह कक्षाएं ही बैठाई जा सकती हैं। स्कूल प्रबंधन को छह अन्य सेक्शन खुले में बैठाने पड़ रहे हैं। साथ ही भवन के निर्माण के दौरान ठेकेदार ने जो मलबा प्राथमिक स्कूल के भवन के चारों तरफ फेंका था उसे भी नहीं उठाया है। इस वजह से यहां हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है।
शहर के बीचोंबीच गर्ल्स स्कूल परिसर में विवादित भवन का उद्घाटन करीब डेढ़ माह पूर्व हुआ था। भवन निर्माण से पूर्व प्राथमिक स्कूल के कमरों को गिराया था। प्राथमिक स्कूल की स्कूल प्रबंधन समिति के अनुसार उस समय सेकेंडरी स्कूल के साथ मौखिक तौर पर समझौता हुआ था कि निर्माण के बाद नीचे की दो मंजिलें प्राथमिक स्कूल को दी जाएंगी। ऊपर की दो मंजिल सेकेंडरी सेक्शन के पास रहेंगी। लेकिन अब उद्घाटन होने के बाद सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन ने पूरे भवन पर ताला लगा दिया है। ऊपर की दो मंजिलों में सेकेंडरी स्कूल के बच्चे बैठते हैं। एक ही स्कूल के इन दोनों विभागों के बीच समझौता न हो पाने की वजह से प्राथमिक स्कूल के बच्चों को भवन नहीं मिल रहा है। इसके चलते छोटे-छोटे कमरों में बच्चों की भारी भीड़ रहती है जबकि जो बच्चे कमरे में नहीं आते उन्हें ठंड में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गर्ल्स स्कूल प्रबंधन से हुई है बात : चंद्र
एलीमेंटरी शिक्षा उपनिदेशक डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा ने कहा कि वे पिछले दिनों गर्ल्स स्कूल गए थे। वहां उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की है। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि दो फ्लोर को बंद करने के बाद नीचे के फ्लोर प्राथमिक स्कूल के लिए खोल दिए जाएंगे ताकि प्राथमिक स्कूल के बच्चे ऊपर आकर बड़ी कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई में खलल न डालें।
जल्द ढूंढा जाएगा समस्या का हल : पूनम सूद
उच्च शिक्षा उपनिदेशक पूनम सूद ने कहा कि वे इस समस्या को जल्द हल करेंगी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्कूल के बच्चों की समस्या का समाधान करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। वे इस विवाद को लेकर स्कूल से रिपोर्ट मांगेंगी और उस रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देश जारी किए जाएंगे।
प्राकृतिक आपदा में मुश्किल होगी : राकेश शर्मा
गर्ल्स स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल राकेश शर्मा ने कहा कि स्कूल का भवन शिक्षा विभाग ने बनाया है। विभाग यह तय करेगा कि कहां कौन बैठेगा। यदि नीचे के फ्लोर बंद कर दिए जाते हैं तो भूकंप या प्राकृतिक आपदा आने पर बच्चों को स्कूल से बाहर निकालने में मुश्किल हो सकती है।
ठंड में जमीन पर बैठ रहे बच्चे
प्राथमिक स्कूल में भवन निर्माण से पूर्व 350 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन जगह की कमी की वजह से करीब सौ बच्चे स्कूल छोड़कर जा चुके हैं। बच्चों को जगह न होने की वजह से चटाई पर बैठाया जा रहा है। ठंड की वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बच्चों के बीमार पड़ने का भी खतरा बना हुआ है।