सोलन। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन विनोद कुमार ने कहा है कि नामांकन दाखिल करने से निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक का पूरा खर्च उम्मीदवारों को सार्वजनिक करना होगा। चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन के भीतर व्यय की प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवानी होगी। उपायुुक्त बुधवार को सोलन में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में भाजपा, कांग्रेस तथा सीपीआई इत्यादि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आदर्श आचार संहिता, चुनाव से संबंधित प्रशासन की ओर से निर्धारित विभिन्न वस्तुओं की दरों, अनुमतियों की प्रक्रिया सहित विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77 के अधीन यह अनिवार्य है कि लोकसभा अथवा राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक उम्मीदवार नामांकन की तिथि से निर्वाचन परिणाम की घोषणा तक की अवधि में निर्वाचन लड़ने के लिए स्वयं खर्च की गई धनराशि या या उसके निर्वाचन अभिकर्ता की ओर से प्राधिकृत धनराशि का अलग लेखा-जोखा रखें।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन से संबंधित किसी भी जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि मतदाताओं को निर्धारित मतदान तिथि से पांच दिन पहले सभी बूथ स्तर के अधिकारियों को फोटोयुक्त वोटर स्लिप सभी मतदाताओं को मुहैया करवाई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जो नए मतदाता प्रथम जनवरी 2019 को 18 वर्ष के हुए हैं, वे भी इन चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
इस निर्धारित समय अवधि के दौरान विधि अनुसार निर्वाचन व्यय दाखिल न किए जाने की दशा में भारत निर्वाचन आयोग, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सकता है। सहायक आयुक्त भानु गुप्ता, नायब तहसीलदार निर्वाचन महेंद्र ठाकुर और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस दौरान उपस्थित रहे।