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प्रदूषण फैला रहे सात संस्थानों की बिजली कटी, बोर्ड ने पूरी की कार्रवाई

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस पर विद्युत बोर्ड ने की कार्रवाई, अश्वनी खड्ड में सीवरेज उड़ेलने वाले गेस्ट हाउस का कनेक्शन भी कटा
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कार्रवाई से निजी संस्थानों में मचा है हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
जलवायु प्रदूषण के जिम्मेदार सभी सात संस्थानों की बिजली काट दी गई है। बिजली बोर्ड ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसमें जिन संस्थानों की बिजली काटी है उनमें साधुपुल स्थित निजी गेस्ट हाउस, राजगढ़ मार्ग पर चल रहे होटल और मैरिज हॉल समेत, शमलेच में वाहनों के शोरूम तथा दो फार्मा उद्योग शामिल हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औचक निरीक्षण के बाद इन सभी को प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पाया था। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई करते हुए बिजली काटने के नोटिस जारी किए थे। सभी संस्थानों की बिजली काटने के नोटिस 30 मई को जारी हो गए थे। इनमें कुछ संस्थानों की तत्काल जबकि कुछ की तीन दिन में बिजली काटनी तय की गई थी। लेकिन बिजली बोर्ड के अधिकारियों तक नोटिस पहुंचने में एक सप्ताह से ज्यादा का वक्त लग गया। इसके चलते इन संस्थानों की बिजली तय समय पर नहीं काटी जा सकी। लेकिन नोटिस मिलते ही बोर्ड ने संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर बिजली काट दी। इसकी शुरुआत साधुपुल में गेस्ट हाउस की बिजली काटने से की गई। शुक्रवार को बिजली बोर्ड ने अन्य सभी संस्थानों की बिजली भी काट दी है। साधुपुल में अश्वनी खड्ड में सीवरेज फेंकने का मामला अमर उजाला ने उजागर किया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक साथ सात संस्थानों को नोटिस जारी किए थे। बोर्ड इन सभी को जलवायु दूषित करने के लिए जिम्मेदार माना था।
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बिजली काटने की प्रक्रिया पूरी : परमार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता अतुल परमार ने कहा कि जिन सात संस्थानों को नोटिस भेजे थे उनकी बिजली काटने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि नोटिस डाक के माध्यम से भेजे थे जिनके पहुंचने में थोड़ी देरी हुई है। कहा कि भविष्य में अन्य तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा ताकि नोटिस जल्द से जल्द पहुंच सकें और कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
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सात जून को मिले नोटिस : चावला
बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता सीएस चावला ने कहा कि नोटिस सात जून को मिलने शुरू हुए थे। इसके मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी थी। बताया कि सबसे पहले साधुपुल के गेस्ट हाउस की बिजली काटी गई है और उसके बाद अन्य सभी संस्थानों की। बोर्ड ने सभी सात संस्थानों की बिजली काटने की प्रक्रिया शुक्रवार शाम तक पूरी कर ली है। भविष्य में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व्हाट्सएप या मेल के माध्यम से नोटिस भेजे तो यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकेगी।
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