सोलन। चौबीस घंटों से खराब चल रहे मौसम के दौरान सोलन में 12.4 मिलीमीटर तक बारिश हो चुकी है। बारिश के चलते खेतखलिहान पूरी तरह पानी से तर हो गए हैं। वैज्ञानिकों ने इस बारिश को तमाम फसलों के लिए असरदार बताया है। बारिश से क्षेत्र में हल्की शीतलहर भी महसूस की जा रही है जिससे तापमान में गिरावट आ गई है।
नौणी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मोहन सिंह जॉगडा और डॉ. सतीश भारद्वाज ने मौसम में बदलाव के बाद किसानों को सिंचाई न करने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों ने रंगीन शिमला मिर्च, टमाटर और खीरा आदि की पौध की रोपाई करने की बात कही है। बताया कि इसमें लगी हुई फसलों के लिए तापमान बनाए रखने के लिए किनारे तथा टॉप वैंटीलेशन को शाम से सुबह तक बंद रखें। साथ ही सिंचाई तथा खाद टपक विधि द्वारा ही दें। उन्होंने बताया कि बारिश गेहूं, मटर और गोभी समेत उन बीजों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अभी अंकुरित हो रहे हैं।
सेब में करें छिड़काव
वैज्ञानिकों ने बागवानों को सलाह दी है कि निचले क्षेत्रों में सेब में गुलाबी कली अवस्था में मैंकोजैब या प्रोपीनव 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी में मिलोर छिड़काव करें। सभी फल पौधों में अगर अभी तक गली सड़ी गोबर की खाद व उर्वरक (सुपर फास्फेट व पोटाश) दिसंबर व जनवरी में न डाली हो तो नमी को ध्यान में रखते हुए अब तुरंत डाल दें। सेब में सन्जोस स्केल व माईट की रोकथाम के लिए तेल का छिड़काव 4लीटर/200 लीटर पानी के हिसाब से करें।
मटर पर करें कैराथीन का छिड़काव
मटर में यदि पाउडरी मिल्यू का प्रकोप है तो कैराथीन (50 मिली/100 लीटर) या सल्फैक्स (250 ग्राम/100 लीटर) का छिड़काव करें। मटर में फली छेदक का प्रकोप होने पर कार्बरिल दो ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें। गर्मी में लगाई जाने वाली सब्जियों जैसे टमाटर, बैंगन, शिमलामिर्च, तेज मिर्च की स्वस्थ पौध तैयार करने के लिए 3 मीटर लंबी, एक मीटर चैड़ी और 15 सेमी ऊंची मिट्टी तथा गोबर की क्यारियां बनाकर अनुमोदित किस्मों की बिजाई करें। तैयार पौध को खेतों में रोपित करें।
नवजात पशुओं को ठंड से बचाएं
नवजात पशुओं को ठंड से बचाएं। हरे चारे की कमी के कारण पशुओं में खनिज और विटामिन की कमी हो जाती है जोकि पशुओं में हीट में न आने और गर्भ धारण न करने का कारण बनता है। इसलिए इस मौसम में पशुओं के दाने में प्रतिदिन 30-50 ग्राम खनिज मिश्रण डालें। मौन गृहों की सफाई करें तथा रानी रहित गृहों को मिला दें तथा अनुपूरक खुराक दें।