सोलन। भोजनगर में उपजाऊ जमीन का बड़ा हिस्सा कोल्ड स्टोर की भेंट चढ़ गया और बाकी जगह भूस्खलन हो रहा है। जमीन धीरे-धीरे खिसक रही है। जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। जमीन के ठीक नीचे बने कोल्ड स्टोर की वजह लगातार जमीन धंसने की शिकायतें प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। पिछले करीब दो सालों से कोल्ड स्टोर निर्माण का काम चल रहा है। इस निर्माण के लिए सड़क के साथ पहाड़ी पर कटिंग की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटिंग में नियमों का ध्यान नहीं रखा गया और उनकी जमीन धंसना शुरू हो गई।
बरसात में जमीन का काफी बड़ा हिस्सा धंसकर खाई में तबदील हो चुका है। करोड़ों रुपये का नुकसान स्थानीय लोगों को झेलना पड़ रहा है। जमीन धंसने की वजह से यहां कुल छह परिवार प्रभावित हैं और करीब साढ़ बारह बीघा से अधिक उपजाऊ जमीन खाई में बदल चुकी है। इस जमीन पर किसान टमाटर और दूसरी नकदी फसल उगाकर गुजारा चला रहे थे। अब उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। प्रभावितों का आरोप है कि राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई भी उनकी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। प्रभावित नारायण दत्त के अनुसार उन्होंने जमीन धंसने की शिकायत 16 अगस्त को मंत्री डॉ. राजीव सैजल से भी की थी।
उन्होंने मामले को उपायुक्त के सुपुर्द कर दिया लेकिन एक महीने से अधिक दिन गुजरने के बाद भी न तो कोई जांच शुरू हो पाई है और न ही उन्हें किसी तरह का मुआवजा मिला है। जमीन धंसने के बाद अब उन्हें औने-पौने दाम पर इसे बेचने का प्रलोभन भी दिया जा रहा है लेकिन वे अपनी जमीन बेचने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे और उनके परिवार के अन्य सदस्य किसी भी कीमत पर अपनी जमीन और घर छोड़कर दूसरी जगह नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उनके साथ इंसाफ नहीं करेगा तो सभी प्रभावित अपने परिवार के साथ उपायुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू कर देंगे और उसके किसी भी तरह के परिणाम का जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन होगा।
जमीन धंसने के पीछे कंपनी जिम्मेदार नहीं : इंद्रजीत बोपराय
पावंटा साहिब कोल्ड स्टोर के हिस्सेदार इंद्रजीत बोपराय का कहना है कि लोगों की जमीन धंसने के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है। जमीन बरसात की वजह से धंसी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जहां खुदाई की थी वहां डंगे लगाए हैं। ग्रामीण उन पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। उनकी कंपनी ने भोजनगर में करोड़ों रुपये लगाकर कोल्ड स्टोर तैयार किया है और ग्रामीण ठीक बरसात के बाद इसका विरोध कर रहे हैं।
मामले की जांच होगी : उपायुक्त
उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। मामले की पूरी जांच होगी। जमीन धंसने के कारणों का पता लगाया जाएगा और उसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच किए बगैर किसी भी तरह के निर्देश देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले के संबंध में जल्द सूचना जुटाई जाएगी।
अनशन के अलावा कोई चारा नहीं : नारायण सिंह
नारायण सिंह का कहना है कि उनके पास जमीन ही कमाई का मुख्य साधन था। करीब छह बीघा जमीन अब तक नष्ट हो चुकी है और भूस्खलन निरंतर जारी है। वहीं करीब साढ़े छह बीघा जमीन के मालिक दयाल सिंह का कहना है कि उनकी जमीन भी कोल्ड स्टोर की भेंट चढ़ गई है। न तो कोल्ड स्टोर संचालक कंपनी उनकी सुनवाई कर रही है और न ही सरकार या प्रशासन। गरीब किसानों के पास अनशन पर बैठने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है।