बद्दी (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन के विकास के लिए गठित बीबीएनडीए अब क्षेत्र के उद्योगपतियों सहित अन्य व्यवसायियों से एक्टर्नल डेवलपमेंट चार्ज वसूलने के लिए सख्ती से निपटेगा। बीबीएनडीए अब ऐसे 836 चयनित लोगों को नोटिस जारी करेगा, उन्हें यह चार्जिज देने के दिए 15 दिन का समय दिया जा रहा है। तय समयावधि में यह चार्ज नहीं दिया तो उनके बिजली व पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
यह चार्ज सरकार द्वारा क्षेत्र में स्थापित उद्योगों, क्रेशरों, ईंट भट्ठों सहित अन्य व्यावसायिक परिसरों से लिया जाना है। वसूले जाने वाले इस चार्ज से एकत्रित होने वाली धनराशि को बीबीएनडीए बीबीएन के विकासात्मक कार्यों पर खर्च करेगा। बीबीएनडीए ने ऐसे चयनित किए करीब 900 संस्थानों को यह नोटिस पहले भी जारी किए थे, जिसमें से मात्र 34 संस्थानों ने ही इसमें दिलचस्पी दिखाई और यह चार्ज अदा किए हैं।
अब बीबीएनडीए ने 836 संस्थानों से यह चार्ज वसूलने के लिए सख्ती से निपटने की ठानते हुए उन्हें एक पखवाड़े का नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज ऐसे संस्थानों से 2 रुपये प्रति स्कवेयर मीटर के हिसाब से लिया जाता है। जिस संस्थान की जितनी जमीन है, उसके अनुरूप यह चार्ज लगाया जाता है। यदि किसी संस्थान के पास जमीन अधिक है और उसका चार्ज बहुत अधिक हो जाता है तो ऐसी सूरत में उस बड़े संस्थान के लिए फिक्स 2 लाख की दर निर्धारित की हुई है।
900 संस्थानों को जारी किए बीबीएनडीए ने नोटिस
सीईओ बीबीएनडीए आदित्य नेगी ने कहा कि ऐसे 900 संस्थानों को पहले बीबीएनडीए ने नोटिस जारी किए थे, लेकिन इनमें से मात्र 34 के ही जवाब वापस आए हैं और 836 संस्थानों से इस चार्ज को वसूलने के लिए उन्हें फाइनल नोटिस एक पखवाड़े का दिया जा रहा है। इस समयावधि में यह चार्ज जमा नहीं किया गया तो संबंधित संस्थान का बिजली पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। चार्ज के रूप में एकत्रित होने वाली धनराशि बीबीएन के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
प्रदेश को 2003 में मिले औद्योगिक पैकेज के बाद वर्ष 2006 में बीबीएन के समुचित विकास के लिए नोएड़ा की तर्ज पर बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ विकास प्राधिकरण का गठन किया है। इसके अधीन क्षेत्र की तीन दर्जन पंचायतों सहित नालागढ़ और बद्दी की परिषदें आती हैं और 316 वर्ग मीटर में फैले बीबीएन के विकास के लिए बीबीएनडीए कई योजनाएं चला रहा है। वहीं, सरकार से भी बजट बीबीएनडीए को मिलता है। सरकार के ही आदेशों के तहत इस चार्ज को वसूलने के अब बीबीएनडीए ने कड़ा रुख अपनाया है। इस चार्ज को वसूलने के लिए यह नोटिस पहले भी जारी किए गए और जब संस्थानों ने बीबीएनडीए की बात पर गौर नहीं किया तो बीबीएनडीए को यह कड़ा कदम उठाने को बाध्य होना पड़ रहा है।