अधिकतर लोगों के हाथ में थे जख्म, चिकित्सकों ने दिया उपचार
दिवाली को लेकर हाई अलर्ट पर था क्षेत्रीय अस्पताल का स्टाफ
रातभर टीम रही मुस्तैद, बीते वर्षों के मुकाबले कम रहे मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर में दिवाली की रात 16 लोग पटाखों के जलने के बाद अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे। यह मामले सरकारी और निजी अस्पतालों में आए हैं। इसमें क्षेत्रीय अस्पताल में दो मामले और बीबीएन के सरकारी अस्पताल में आठ मामले पटाखों से झुलसने वालों के हैं। जबकि निजी अस्पतालों में भी छह मामले आए हैं। बताया जा रहा है कि अधिकतर लोग हाथ में जख्म की शिकायत लेकर पहुंचे। इसका अस्पतालों में चिकित्सकों ने तुरंत उपचार किया। साथ ही सभी मामलों में लोगों को छुट्टी दे दी गई है। इसी के साथ कोई भी गंभीर मामला इस बार नहीं आया है। बीते वर्षों के मुकाबले अब कम मामले हो गए हैं।
वहीं, पटाखे के धुएं के कारण सांस लेने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकतर परेशानी श्वास संबंधी मरीजों को हुई। लेकिन धुएं से इन मरीजों ने काफी दूरी बनाई रखी और पूरी एहतियात बरती। इसके चलते श्वांस बीमारी से ग्रसित कोई गंभीर मामला अस्पताल नहीं आया। कुल मिलाकर शांतिपूर्ण तरीके से जिलेभर में दीपावली का त्योहार हो गया।
गौर रहे कि वीरवार और शुक्रवार को लोगों ने मां लक्ष्मी पूजन के बाद खूब पटाखे और स्काई शॉट समेत अन्य पटाखे चलाए हैं। ऐसे में पटाखे के बारूद से जख्मी होने का डर भी रहता है। इसे लेकर एक सप्ताह पहले ही क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन की ओर से आपातस्थिति के लिए टीम का गठन कर दिया था। इसी के साथ दवाओं की भी पूर्ति कर दी थी। रोस्टर के मुताबिक वीरवार को छुट्टी होने पर दो-दो चिकित्सक टीम समेत आपातकालीन कक्ष में तैनात रहे। जबकि शुक्रवार को ओपीडी रही। जबकि रात में फिर दो चिकित्सकों की ड्यूटी रही। जबकि अन्य ऑनकाल ड्यूटी पर रहे। इससे पटाखे से जख्मी मामलों का तुरंत उपचार की सुविधा अस्पताल में मिली। हालांकि इस बार लोगों ने ग्रीन पटाखे ही चलाए।
इनसेट
क्षेत्रीय अस्पताल में दिवाली की रात दो लोग पटाखे से जख्मी होकर पहुंचे। इन्हें तुरंत उपचार दिया गया। दिवाली को लेकर वीरवार और शुक्रवार चिकित्सकों की टीम आपातकालीन कक्ष में तैनात थी।
डॉ. संदीप जैन
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन