अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के तहत जगातखाना स्थित झूला पुल के पास चिकनी खड्ड में जहरीले पानी से लाखों मछलियों के मरने के मामले में प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्रशासन ने आसपास के उद्योगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। बारिशकेे साथ ही कुछ उद्योगों ने बारिश की आड़ में अपना केमिकल युक्त पानी नदी में डाल दिया जिससे मछलियां मरने की घटना हुई जिस पर लोगों नेेे कड़ा रोष जताया है। केमिकल युक्त पानी एक धागा उद्योग और एक दवा उद्योग सहित अन्य उद्योगों से छोड़ा जाना बताया जा रहा है। इस पर प्रशासन ने ऐसे उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं।
पहले भी हो चुकी हैं मछलियां मरने की घटनाएं
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में इससे पहले भी कई बार मछलियां मरने की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। बीबीएन के तहत सरसा और चिकनी नदी में कई उद्योगों ने अपने उद्योग का केमिकल युक्त पानी फेंका था जिससे खड्ड प्रदूषित हो गई और मछलियां मरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि कई उद्योगों के पास ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं है। जिनके पास ट्रीटमेंट प्लांट है, वे मात्र दिखावे के लिए लगाए हैं और पानी को ट्रीट ही नहीं करते। ऐसे में नियमों को ताक पर रखकर कई उद्योग सरेआम नदियों में जहरीला पानी छोड़ रहे हैं।
एसडीम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने बताया कि नदी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने वाले उद्योगों को प्रशासन ने नोटिस जारी कर दिए हैं। दोषी पाए जाने वाले उद्योग के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।