अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। शूलिनी मेले के अंतिम दिन लोगों ने जान जोखिम में डालकर बसों में सफर किया। रविवार को सोलन आने वाली सभी बसें ओवरलोड दिखीं। मेले के चलते लोग बसों और ऑटो में ठूस-ठूस कर सफर करने को मजबूर दिखे। संबंधित विभाग और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। बसों में हुई ओवरलोडिंग से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मेले के दौरान राजगढ़ क्षेत्र से आने वाली सभी बसें ओवरलोड दिखीं।
इसी तरह शाम को वापस जाते समय में बसों में लोगों की भीड़ कम नहीं हुई। पुलिस की जगह-जगह गश्त के बाद भी बसों पर ओवरलोडिंग ने हादसे को न्योता दिया। राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के चलते बसों में यातायात नियमों का सरेआम उल्लंघन किया गया। मेले में आने वाले अधिकतर लोगों ने बसों खडे़ रहकर सफर किया। सोलन में मेले के दौरान हजारों लोग मेला देखने के लिए आते हैं।
पुलिस के प्रबंध के आगे बसों में दिन भर ओवरलोडिंग होती रही। मेले का आखिरी दिन होने के चलते दूर-दूर से लोग मेला देखने के लिए सोलन पहुंचे। शूलिनी मेले के आखिरी दिन प्रशासन लोगों के लिए अतिरिक्त बसों को नहीं चला पाया। यदि बसें इन रूटों पर चलतीं हैं तो निजी बसों में लोगों की भीड़ कम देखने को मिलती। जौणाजी रोड पर जाने वाली बसों में भी जमकर भीड़ दिखी। सुबह के समय बसों में हुई ओवर लोडिंग से प्रशासन बेखबर रहा।
बड़ी दुर्घटना होने का डर
मेले के दौरान बसों में की गई ओवरलोडिंग से दुर्घटना का अंदेशा रहा। ऊना जिले में अभी हाल ही में और प्रदेश भर में ओवरलोडिंग से कई सड़क हादसे हो चुके हैं जिसमें कई लोगों को जान गवानी पड़ी है। जगह-जगह पुलिस कर्मचारियों को तैनात तो किया लेकिन बसों में जमकर ओवर लोडिंग होती रही। जिले में दिन पर दिन ओवरलोडिंग की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। इसकी वजह से यात्रियों की जान खतरे में है। वाहनों में सफर करने वाले लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी बेपरवाह बना हुआ है।