महिला की शिकायत पर दवा कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश
सीएम कार्यालय ने दिए निर्देश, महिला ने दवा कंपनी के खिलाफ लगाए हैं उत्पीड़न के आरोप
पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से की थी जांच की मांग, श्रम विभाग कर रहा पूरे मामले की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोलन में कार्यरत दवा उत्पादक कंपनी रोजेट फार्मा के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश एक महिला की शिकायत के आधार पर जारी किए गए हैं। महिला ने दवा कंपनी के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों में न्यूनतम वेतन की शर्तों को पूरा न करने और विरोध करने पर काम से निकाल देने जैसी बातें शामिल हैं।
शिकायतकर्ता महिला ने अन्य महिलाओं को भी प्रताड़ित किए जाने की बात इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को लिखी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से उपायुक्त को मामले की जांच के निर्देश मिले हैं। प्रशासन ने इस मामले की जांच का जिम्मा श्रम विभाग को सौंप दिया है। श्रम अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और फिलहाल उस महिला की तलाश की जा रही है, जिसने यह शिकायत पत्र मुख्यमंत्री को भेजा था। शिकायत पत्र में हवाला दिया गया है कि दवा उत्पादक कंपनी के मालिक के केंद्रीय मंत्री और भाजपा के साथ गहरे संबंध हैं। इसकी वजह से अधिकारी भी कंपनी पर हाथ डालने से कतराते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद प्रशासन ने मामले की सच्चाई जांचने के लिए अभियान छेड़ दिया है। हालांकि कंपनी प्रबंधन ने शिकायतकर्ता महिला के कंपनी कर्मचारी होने से ही इंकार कर दिया है, लेकिन प्रशासन और श्रम विभाग ने मामले की जांच बंद नहीं की है। श्रम विभाग की ओर से कंपनी प्रबंधन को नोटिस भेजे जा रहे हैं और नियमित रूप से विभागीय टीम कंपनी का औचक निरीक्षण भी कर रही है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां उजागर हुई हैं उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले नोटिस के साथ जोड़कर वापस भेजा जा रहा है।
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महिला ने मुख्यमंत्री को दी है शिकायत, जांच जारी : श्रम विभाग
श्रम विभाग के निरीक्षक ललित ठाकुर का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से रोजेट फार्मा के खिलाफ शिकायत मिली है। इसकी जांच चल रही है। शिकायत पत्र में जो भी आरोप लगाए गए हैं विभाग उनके तहत जांच रहा है। अभी तक शिकायतकर्ता महिला से संपर्क नहीं हो पाया है। जो पता शिकायत पत्र में लिखा गया है, वहां महिला नहीं मिली है। विभाग को जांच के दौरान जो भी तथ्य मिले हैं, उन्हें मुख्यमंत्री के पत्र के साथ जोड़ा जा रहा है।
दवा कंपनी के खिलाफ शिकायत की जानकारी नहीं : उपायुक्त
उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि रोजेट फार्मा के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत आने की उन्हें जानकारी नहीं है। यदि ऐसी कोई शिकायत श्रम विभाग के पास है और उसकी जांच चल रही है तो रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की पूरी जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फर्जी है शिकायत करने वाली महिला : अजय सूद
रोजेट फार्मा के मालिक अजय सूद का कहना है कि जिस महिला ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा है, वह उनकी कंपनी की कर्मचारी ही नहीं है। कोई गुमनाम पत्र लिखकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि पत्र के संबंध में जांच के लिए अधिकारी उनके पास आए थे और उन्होंने पूरा रिकॉर्ड उन्हें दिखा दिया है। इस रिकॉर्ड में पत्र लिखने वाली महिला कभी उनकी कर्मचारी नहीं रही। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी सभी नियमों को पूरा करती है।