अमर उजाला ब्यूरो
सुबाथू (सोलन)।
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा, देशभक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस के इन शब्दों को आजाद भारतवासी कभी नहीं भूल सकते। देश को आजाद करवाने के लिए अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी के बलिदान का कर्ज चुकाया नहीं जा सकता। वही देश को आजाद करवाने में सुबाथू के क्रांतिकारी राम प्रसाद बैरागी ने भी सन 1857 में कसौली के क्रांतिकारियों के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ जंग में हिस्सा लिया था।
इतिहास के पन्नों को पलट कर देखा जाए तो क्रांतिकारी राम प्रसाद बैरागी को अंग्रेजी हुकूमत ने अंबाला में फांसी पर लटका दिया था। दोनों देश भक्तों की कुर्बानी का संक्षिप्त इतिहास जल्द ही छावनी परिषद सुबाथू के एतिहासिक चैक बाजार में आने वाली युवा पीढ़ी के लिए सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा। विदित रहे की लंबे समय से स्थानीय लोग सुबाथू के चौक बाजार का जीर्णोद्धार और क्रांतिकारी राम प्रसाद बैरागी की प्रतिमा लगाने की मांग उठा चुके हैं।
लेकिन क्रांतिकारी की कोई भी तस्वीर न मिलने के कारण सौंदर्यीकरण का कार्य अटका रहा। अब जल्द ही छावनी परिषद सुबाथू के चौक बाजार में देशभक्त नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाकर क्रांतिकारी राम प्रसाद बैरागी का संक्षिप्त इतिहास सुनहरे अक्षरों से लिखने जा रही है। छावनी परिषद की सीईओ तनु जैन ने बताया की क्रांतिकारी राम प्रसाद बैरागी की कोई भी तस्वीर नहीं मिली है। लेकिन चौक जीर्णोद्धार कार्य को पूरा करने के लिए जल्द ही नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा और क्रांतिकारी बैरागी का प्राप्त इतिहास लिखने के लिए विचार किया जा रहा है।