सोलन। चंबाघाट से केथलीघाट तक फोरलेन निर्माण में देरी की संभावना है। फोरलेन की जद में आने वाले भवन मालिकों को प्रशासन लगातार मुआवजा बांट रहा है। इनमें से कई भवनों को अभी तक खाली नहीं करवाया जा सका है। बहुमंजिला भवन सड़क पर अब भी मौजूद हैं जिनमें व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
इनमें से कई भवनों में तो कार्यालय और बड़े-बड़े स्टोर भी स्थापित हैं। प्रशासन और एनएचएआई प्रबंधन इनके कब्जे हटाने की जहमत नहीं कर रहे जबकि फोरलेन के दूसरे चरण की शुरूआत में मोटर मार्केट को उखाड़ कर प्रशासन ने भारी विरोध के बावजूद एक बड़ा कदम उठाया था। यह कदम सिर्फ मोटर मार्केट को उखाड़ने तक ही सिमट गया। मोटर मार्केट के बाद चंबाघाट में अब तक कई बहुमंजिला भवन तोड़े जाना बाकी हैं। मुआवजे के बाद भी मालिक भवनों का व्यवसायिक तौर पर इस्तेेमाल कर रहे हैं।
फोरलेन निर्माता कंपनी ने अपना कार्यालय ऐसे ही एक भवन में चला रखा है जो फोरलेन की जद में आता है। कंपनी कार्यालय होने से प्रशासन भवन को खाली नहीं करवा पा रहा है। चंबाघाट से केथलीघाट तक करीब 25 किलोमीटर लंबे हिस्से को बनाने का ठेका ऐरिफ कंपनी को मिला है। इस कंपनी को अपना काम रिकॉर्ड 910 दिन में पूरा करना है। इससे पहले प्रशासन और वन विभाग को मार्ग के पूरे हिस्से से कब्जे और पेड़ हटाने होंगे। उसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा हो सके। इसके लिए शुरूआत में चंबाघाट मोटर मार्केट को भारी विरोध के बावजूद हटा दिया लेकिन टेंडर लेने वाली कंपनी ने एक बहुमंजिला भवन पर कब्जा जमा लिया और भवन को टूटने नहीं दिया। वहीं, अन्य भवनों को तोड़ दिया जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नई जगह नहीं मिलेगी तब तक खाली नहीं करेंगे भवन : क्षेत्रीय प्रबंधक
फोरलेन निर्माता ऐरिफ कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश गुप्ता का कहना है कि फोरलेन का निर्माण तभी शुरू होगा जब प्रशासन और वन विभाग उन्हें जमीन खाली करके देंगे। वे खुद जिस भवन में बैठे हैं, उसे तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक किसी दूसरी जगह उन्हें बढ़िया भवन नहीं मिल जाएगा। कंपनी के पास दूसरी कोई जगह नहीं है। दूसरी जगह मिल जाएगी तो भवन खाली कर दिया जाएगा।
सौ फीसदी गिराए जाएंगे फोरलेन में आ रहे भवन : राठौर
एसडीएम रोहित राठौर का कहना है कि जिन भवन मालिकों को मुआवजा मिल चुका है, उनके भवन सौ फीसदी गिराए जाएंगे। फोरलेन में आने वाले किसी भी भवन को जीवनदान नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी जिस भवन में कार्यालय चला रही है, उसका स्टेटस देखा जाएगा। यह मामला अब तक उनके ध्यान में नहीं था। जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी।