सोलन। मनरेगा के तहत वित्त वर्ष 2018-19 में 96 करोड़ 12 लाख 79 हजार 700 रुपये खर्च किए जाएंगे। धर्मपुर विकास खंड में 34 करोड़ 87 लाख 22 हजार 200 रुपये, कंडाघाट विकास खंड में 12 करोड़ 7 लाख 81 हजार 200 रुपये, कुनिहार विकास खंड में 20 करोड़ 22 लाख 98 हजार 400 रुपये, नालागढ़ विकास खंड में 18 करोड़ 99 लाख 70 हजार 400 रुपये और सोलन विकास खंड में 9 करोड़ 95 लाख 7 हजार 500 रुपये खर्च करने को स्वीकृति प्रदान की गई।
जिला परिषद की विशेष बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के लिए वर्ष 2018-19 के लिए व्यय की जाने वाली धनराशि और शेल्फ (वार्षिक कार्य योजना) को स्वीकृति प्रदान की गई है। बैठक की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष धर्मपाल चौहान ने की। धर्मपाल चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास में मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्य विशेष रूप से उपयोगी हैं। कहा कि जिले के सभी खंडों में यह सुनिश्चित बनाना होगा कि मनरेगा के तहत अनुमोदित योजनाएं समय पर पूरी हों। मनरेगा का भुगतान भी निर्धारित समयावधि में हो जाना चाहिए। जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों से आग्रह किया कि मनरेगा के तहत अधिक से अधिक कार्य करवाएं और यह सुनिश्चित बनाएं कि कार्य एवं सामग्री की गुणवत्ता उचित हो। बैठक में धर्मपुर विकास खंड की 38 पंचायतों के लिए 5,034, कंडाघाट विकास खंड की 24 पंचायतों के लिए 1,833, कुनिहार विकास खंड की 45 पंचायतों के लिए 3,282, नालागढ़ विकास खंड की 69 पंचायतों के लिए 3,297 तथा सोलन विकास खंड की 35 पंचायतों के लिए 2,999 योजनाओं को मनरेगा के तहत स्वीकृति प्रदान की गई।
जिले की सभी 211 पंचायतों के लिए कुल 16 हजार 445 योजनाएं मनरेगा के तहत स्वीकृत की गईं हैं। बैठक में जिप सदस्यों ने मनरेगा के सफल कार्यान्वयन के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में जिप सदस्य, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी भानु गुप्ता, जिला पंचायत अधिकारी सतीश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।