विज्ञान के खिलाफ काम कर रही विचारधारा का हो विरोध : गौहर रजा
ज्ञान विज्ञान समिति के दो दिवसीय युवा अधिवेशन का समापन, शिक्षा पर तैयार घोषणा पत्र पारित
पंजाब के बाद हिमाचल नशे को लेकर संवेदनशील राज्य बना, समिति चलाएगी अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के दो दिवसीय युवा अधिवेशन का समापन हो गया। इस मौके पर वैज्ञानिक, शायर और फिल्मकार गौहर रजा ने कहा कि जिस तरह से वैज्ञानिक संस्थानों पर हमले बढ़े हैं, यह आने वाली पीढ़ी के लिए घातक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तर्कशीलता को नकारते हुए अवैज्ञानिक बातों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक आंदोलन का असर देश पर हुआ है। उन्होंने युवाओं से ऐसी विचारधारा का विरोध करें जो विज्ञान और वैज्ञानिकता के खिलाफ काम करती हो। समिति के राज्याध्यक्ष ने जन विज्ञान आंदोलन के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर कहा कि प्राथमिक कार्यभार वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करने और सामाजिक, लैंगिक गैर बराबरी को दूर करना है। अधिवेशन में शिक्षा पर तैयार जन घोषणापत्र भी जारी किया गया। फैसला लिया गया कि विधायक और सांसद से मिलकर इस घोषणापत्र को उनके चुनावी एजेंडे में शामिल करने की मांग की जाएगी। अधिवेशन के पहले दिन डॉ. रीना सिंह ने अधिवेशन का उद्घाटन किया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश भूरेटा ने युवाओं की स्थिति पर कहा कि देश में शिक्षा और रोजगार की स्थिति खस्ता हाल है। शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है। निजी स्कूलों की लूट लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में नशे की लत बढ़ रही है। पंजाब के बाद हिमाचल नशे को लेकर संवेदनशील राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि समिति नशे से लड़ने के लिए युवा बचाओ अभियान चलाएगी। अधिवेशन में राज्य युवा उप समिति का गठन किया गया। इसमें वरुण मिन्हास, गरिमा, गुलाब सिंह, कपिल मोहन, रमेश, जगदीश, जोगिंद्र, दीपा, आशू, केवल कृष्ण, सूरज, अनीता, पूर्ण, रजनी को सदस्य बनाया गया। डीसी रावत को राज्य संयोजक और मीनू को राज्य प्रभारी बनाया गया।