रामलोक मंदिर से सुरक्षा हटाने के विरोध में मुख्य न्यायाधीश को लिखा
दर्जनों ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर भेजा पत्र, मंदिर की सुरक्षा पर जताई चिंता
2017 से मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को समीक्षा के बाद हटाने का लिया है फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। रामलोक मंदिर की सुरक्षा हटाने के फैसले पर ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। 50 से अधिक ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय के न्यायधीश को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने सुरक्षा हटाने के बाद मंदिर में दोबारा विवाद की संभावनाएं जाहिर की हैं। साथ ही मंदिर में स्थापित करोड़ों रुपये से बनी अष्टधातु की मूर्तियों को खतरा बताया है। ग्रामीणों ने सुरक्षा प्रबंधों को लेकर जल्द ही जिला प्रशासन से मुलाकात करने की भी बात कही है। रूड़ा के रामलोक मंदिर में 2017 में ग्रामीणों व मुख्य पुजारी बावा अमरदास के बीच संघर्ष शुरू हो गया था। इस संघर्ष ने हिंसक झड़प का भी रूप ले लिया। इसमें दोनों तरफ के लोग घायल हुए और मामला पुलिस तक पहुंच गया। बाद में कुछ लोगों ने मंदिर निर्माण को अवैध कब्जा बताकर जिला प्रशासन से तहसीलदार कंडाघाट के समक्ष याचिका दायर कर दी। इस केस का निपटारा तहसीलदार कर चुके हैं लेकिन अब आगामी सुनवाई के लिए यह मामला एसडीएम कोर्ट में लंबित है। इस बीच 16 फरवरी को पुलिस अधीक्षक सोलन की तरफ से मंदिर की समीक्षा के बाद उसे हटाने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश जारी होने के बाद मंदिर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मंदिर के समर्थक ग्रामीण सुरक्षा कर्मियों को हटाने के फैसले से आहत हैं। उनका कहना है कि मंदिर एक धार्मिक स्थल है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मंदिर की सुरक्षा को है खतरा : बावा अमरदास
रामलोक मंदिर के मुख्य पुजारी बावा अमरदास का कहना है कि मंदिर में अष्टधातु से बनी करोड़ों की मूर्तियां हैं। मंदिर का निर्माण कार्य जारी है और यह मंदिर चारों तरफ से खुला है। मंदिर से सुरक्षा कर्मियों को हटाना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने यहां तनाव के हालात देखते हुए ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की थी।
हाईकोर्ट से की सुरक्षा न हटाने की मांग
रूड़ा के ग्रामीणों में लक्ष्मी सिंह, जोगिंद्र सिंह, आशा देवी, चैन सिंह, सुषमा, ज्ञान चंद, रत्न सिंह, वीना, कृष्णा, मीरा, एसके शर्मा, लक्ष्मीराम, अंबिया राम, लाल चंद, चेतराम, मस्तिया राम, पवन कुमार, रेसू, कृष्णा देवी, बेली राम, नरेंद्र, धर्मेंद्र, रेसू, कमला देवी, अश्वनी, कमला, बलदेव व बेली राम ने लिखित में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर सुरक्षा कर्मियों को नहीं हटाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में सुरक्षा कर्मियों को हटाने से मंदिर पर दोबारा हमला होने की संभावना जताई है।