सोलन। मुख्य अध्यापक अब अध्यापन कार्य में ही नहीं बल्कि वित्त से लेकर ऑडिट तक के कार्य में भी दक्ष होंगे। यही नहीं फर्स्ट एड देने का प्रशिक्षण भी मुख्य शिक्षकों को मिलेगा। इसके साथ योग आसन भी सिखाए जाएंगे ताकि शिक्षक स्कूलों में बच्चों और अन्य अध्यापकों को प्रशिक्षित कर सकें। यह प्रशिक्षण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सौजन्य से सोलन में मुख्य अध्यापकों को दिया जा रहा है। सोमवार से यह छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू हो गया।
शिविर में छह जिलों सोलन, शिमला, सिरमौर, किन्नौर, बिलासपुर और ऊना के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के 45 प्रधानाचार्य हिस्सा ले रहे हैं। समन्वयक डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि शिविर में प्रधानाचार्यों को स्कूल को हर तरह से सुचारु रूप से चलाने की जानकारी दी जाएगी। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद के बाद उनमें स्कूल को और बेहतर ढंग से चलाने की योग्यता विकसित होगी। शिविर में प्रधानाचार्यों की अकादमिक जरूरतों के साथ ही विशेष रूप से वित्त संबंधी शंकाओं का भी समाधान होगा। इसके लिए परिषद ने प्रो. मनोज कुमार, प्रेम सागर शर्मा, वेनी प्रसाद, एसके शर्मा, आरके गुप्ता, डॉ. अनीता गौतम, डॉ. दीपक ठाकुर, प्रभात शर्मा और डॉ. एसके गांधी को विशेष रूप से रिसोर्स व्यक्ति के रूप में आमंत्रित किया है। यह सभी व्यक्ति अपने-अपने विषयों के विशेषज्ञ हैं। इस कार्यक्रम में संप्रेषण, ऑडिट आबजेक्शन, कंडक्ट रूल्स, ट्रेजरी, हेल्थ और योगा, इनकम टैक्स, वित्त प्रबंधन विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परिषद की प्राचार्य डॉ. नम्रता टिकू ने कहा कि परिषद की यह कोशिश रही है कि हर वर्ग के अध्यापक की कसौटी पर खरी उतरे और वे परिषद के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद यहां से अपने-अपने स्कूलों के लिए कुछ न कुछ ऐसा जरूर लेकर जाएं जो स्कूल में अध्यापन और स्कूल प्रबंधन को प्रभावशाली तथा मजबूत बना सके। इस अवसर पर प्रो. रिता शर्मा, प्रो. वीना ठाकुर, मदन लाल तोमर, अंजू ठाकुर, रीतू पुरी, विजय कुमार, शिवराम और हितेश सहित परिषद के अन्य सदस्य मौजूद रहे।