नौणी विवि के खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग दे रहा कद्दू से बनने वाले लजीज व्यंजनों का प्रशिक्षण
कद्दू से बनेगी जैली, आचार, मुरब्बा और जैम
ललित कश्यप
नौणी (सोलन)।
कद्दू का नाम लेते ही कुछ लोग अजीब का मुंह बना लेते हैं। लेकिन अब कद्दू को पसंद न करने वाले यह लोग इसके स्वाद के कायल हो जाएंगे। जी हां, कद्दू अब कद्दू न रहकर खास बन चुका है। इसके कई लजीज व्यंजन बन सकते हैं। यही नहीं कद्दू आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ करने का मादा रखता है। कद्दू की इस खासियत की पहचान की है खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने। कद्दू का खट्टा और मीठा तो आपने खाया होगा लेकिन अब आपको मिलेगी कद्दू से बनी जैली, आचार, मुरब्बा, जैम और चटनी। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर कद्दू को साल दो साल तक आराम से सुरक्षित रखा जा सकता है।
नौणी विवि के खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन नौणी विवि में कर महिलाओं को कद्दू के विभिन्न लजीज व्यंजन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। इसके साथ कद्दू से व्यावसायिक खाद्य पदार्थ तैयार करने की विधि भी बताई गई। शिविर में कद़्दू का मूल्यवर्द्धन कर, कम लागत में जैम, आचार, चटनी और दलिया आदि बनाने की तकनीक बताई गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि महिलाओं ही नहीं बल्कि भी पुरुष भी कद्दू से यह व्यंजन तैयार कर पैसा कमा सकते हैं। लोग कम निवेश में यह कारोबार शुरू कर सकते हैं।
नौणी विवि के खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू धीमान ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रदेश के सोलन, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर जिले की 22 महिलाओं ने भाग लिया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को कद्दू के मूल्यवर्द्धन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में भाग लेने वाली महिलाएं किसी न किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। इस कार्यक्रम में कद्दू का दैनिक आहार में महत्व और पौष्टिक गुणों के बारे भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की प्रशिक्षण संयोजिका डॉ. सुरेका अत्री और शोध विद्यार्थी प्रीति रामचंद्रन ने प्रतिभागियों को कद़्दू से मुरब्बा, टूटी-फ्रूटी और इंस्टेंट पदार्थ तैयार करने के विधियां बताईं। इसकी प्रेक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई। इसके अलावा महिलाओं को कद़्दू के गुद्दे से पेय पदार्थ तैयार करना भी सिखाय गया। महिलाओं को पदार्थ बनाने से पहले कद्दू के पल्प और टुकड़ों को प्रीट्रीट करने की अहम विधि और प्रोसेसिंग यूनिट का भ्रमण करवाया गया। यही नहीं कद्दू पर आधारित उद्योग लगाने की जानकारी भी शिविर में दी गई।