संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के कोविड वैक्सीन से वंचित विद्यार्थियों का टीकाकरण करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार कर लिया है। इसके अनुसार बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए स्कूलों को इकट्ठा किया जाएगा। इससे वैक्सीन की बरबादी रुकेगी। स्कूली छात्र भी आसानी से वैक्सीन लगवा सकेंगे। बीते दिनों जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में उपायुक्त ने सभी स्कूलों को वैक्सीनेशन से वंचित बच्चों की रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
परीक्षाओं के चलते स्कूलों में वैक्सीनेशन की रफ्तार की कम हो गई थी। इसके चलते 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को कोर्बेवैक्स लगाने का टारगेट पूरा नहीं हो पाया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग जिन स्कूलों में परीक्षाएं हो चुकी हैं, उन स्कूलों में टीकाकरण केंद्र बनाकर सुविधा दी। इस आयु वर्ग में बायोलॉजिकल-ई की कोर्बेवैक्स की खुराक लगाई जा रही है।
अब तक 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग 19568 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है। 5225 बच्चों को 28 दिन बाद दूसरी डोज भी लग चुकी है। जिले में इस आयु वर्ग के 26 हजार बच्चे हैं। उपायुक्त के संज्ञान के बाद सात हजार बच्चों का डाटा स्वास्थ्य विभाग ने महकमे को भेजा है और इसे आसानी से पूरा करने के लिए प्लान तैयार हो गया है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चे वैक्सीन से छूटे हैं। अब उन स्कूलों को क्लब कर वैक्सीन कार्य पूरा किया जाएगा। बच्चों को स्कूलों में ही केंद्र बनाकर विभाग से कार्य किया जाएगा।
रोजाना होगी वैक्सीनेशन
जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग ने आईईसी एक्टिविटी चलाई है। गांव में 12 से 14 साल आयु के बच्चों को वैक्सीन लगाने के बारे में बताया जा रहा है। अनुमान है कि विभाग से निर्धारित लक्ष्य को एक सप्ताह में पूरा किया जाएगा।
कई स्कूलों में संख्या पांच से कम
जिले के कई स्कूलों में पांच तो कई स्कूलों में सात बच्चे वैक्सीनेशन से छूटे हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने तो एक वायल से 20 बच्चों को टीका लगाया जाता है। इसके चलते स्कूलों को क्लब करने का निर्णय लिया गया है।