अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला हाईवे पर कसौली विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर में मात्र एक चिकित्सक तैनात है। जबकि, इस अस्पताल पर क्षेत्र की करीब बीस हजार आबादी का जिम्मा है। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को अस्पताल में बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। पिछले काफी वर्षों से अस्पताल में एक ही चिकित्सक है। यहां तक कि क्षेत्र की महिलाओं को अपना इलाज करवाने के लिए सोलन, शिमला या चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। विभाग ने इस अस्पताल के लिए चिकित्सक का मात्र एक ही पद स्वीकृत किया है। अतिसंवेदनशील अस्पताल में जहां कम से कम चार चिकित्सकों की जरूरत है, वहां मात्र एक चिकित्सक पर पूरे अस्पताल का कार्यभार है। वहीं महिला चिकित्सक का पद भी स्वीकृत नहीं है। इसके चलते महिलाओं को अपना इलाज करवाने निजी क्लीनिक में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि, धर्मपुर ब्लॉक के तहत आने वाली आधा दर्जन पंचायतों की करीब दस हजार की आबादी इस अस्पताल के तहत आती है। लेकिन, सीएचसी धर्मपुर सिर्फ एक चिकित्सक के सहारे चल रहा है। यही नहीं, सीएचसी में एक्सरे तक की सुविधा भी सप्ताह में तीन दिन ही मिल पाती है। सीएचसी में रेडियोग्राफर का पद पिछले काफी समय से खाली पड़ा है। सीएचसी सुल्तानपुर से रेडियोग्राफर को डेपुटेशन पर धर्मपुर बुलाया जा रहा है। कई सरकारें आईं और गईं लेकिन किसी ने भी इस अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने की जहमत नहीं उठाई।
निदेशालय को भेजा स्वीकृति पत्र : सीएमओ
सोलन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके दरोच ने कहा कि सीएचसी धर्मपुर के लिए चार चिकित्सकों के पद का प्रस्ताव बनाकर निदेशालय को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। आचार संहिता खत्म होने और नई सरकार बनने के बाद यह सुविधा लोगों को मिल सकती है।