अर्की (सोलन)। सायर उत्सव की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व विधायक गोविंद शर्मा व प्रदेश भाजपा सचिव रतन सिंह पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। सबसे पहले स्थानीय कलाकारों ने मंच संभाला। ललित गर्ग ने कहलूरा ते आई काली काली बदरी से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने अन्य पहाड़ी गीत व हिंदी गीत प्यार करने वाले प्यार करते हैं, जान से गाकर दर्शकों को रिझाया। इसके बाद बाड़ीधार मंच के कलाकारों ने गोरी दा चित लगा चंबे दिया धारा, डोली चौहान ने बलुए बुरा आया जमाना, मामिये घाटू आदि नॉन स्टॉप गीत गाकर दर्शकों को रिझाने की भरपूर कोशिश की। हरि म्यूजिकल ग्रुप राजगढ़ ने सुखा दुखा रा ताना ओ बाना आदि सिरमौरी गीत प्रस्तुत किए।
रोशनी शर्मा ने सोघिया बेदनो न जानी मेरे पहाड़ी गाना गाकर दर्शकों को लुभाया। इसके बाद अन्य पहाड़ी कलाकार ने बत्ता जांदे सिटी मारदे गीत सुना कर दर्शकों का मनोरंजन किया। स्वर संगम के गायक कलाकारों ने एक लघु नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को लोट पोट होने पर मजबूर कर दिया। प्रिंस शर्मा ने मेरे रश्के कमर गीत गाकर दर्शक दीर्घा में लोगों का मन मोह लिया। संगम सुर संगीत भाग दो के अवदेश शर्मा ने पंजाबी गीत मेरे पैर न जमीन उत्ते लगदे छल्लेया वे तथा की लैणा मितरां तों व हल्का हल्का सुरूर है गीत गाकर वाहवाही लूटी।
स्थानीय कलाकारों के पश्चात इंडियन आइडल फेम कृतिका तनवर ने स्टेज संभाला। उन्होंने चन्ना मेरेया मेरेया, कच्ची डोरियां डोरियां, मैं तेरे बाजों व पहाड़ी गीत ओ बाबुआ मां तो जाई आवणा सोलनी बाजार, फोटू रइगा तेरे कमरे, दरियाओं परला, ओ बे लालिये हो पर आया बंजारा व लंदन ठुमकदा गीतों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। सबसे अंत में सांस्कृतिक संध्या के मुख्य कलाकार कुमार साहिल ने मंच संभाला।
उन्होंने छल्ला रह गया कल्ला, कजरा मोहब्बत वाला, तेरा मेरा प्यार अड़िये, इक अधिया मंगाई जा रे, ओ मेरी जोहरा जबीं, उड़े जब जब जुल्फें तेरी, बम-बम भोले भोले दी बारात चली, कोई हसीना जब रुठ जाती है तो, जुगनी व गुड़ नालो इश्क़ मीठा, पूरा लंदन ठुमकदा गाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर किया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान प्रशासन व पुलिस के उचित प्रबंधन के चलते लोगों ने सांस्कृतिक संध्या का भरपूर आनंद लिया। इस अवसर पर भाजपा मंडलाध्यक्ष बीआर पंवर, एसडीएम अर्की छवि नांटा, डीएसपी डॉ. अमित शर्मा, पार्षद आशा परिहार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।