झाड़माजरी(सोलन)। झाड़माजरी की मालपुर पंचायत में मृत पशुओं को खुले में फेंकने और उसे कूड़े से ढकने के प्रयास का ग्रामीणों ने विरोध किया। इसको लेकर सोमवार को ग्रामीणों और नगर परिषद के ठेकेदार में बहस हो गई। दोनों गुटों में बहस इतनी बढ़ गई की पुलिस को बुलाना पड़ा। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
कई दिनों से इस क्षेत्र में गंदगी फैलने से लोग परेशान हैं। विभाग को ग्रामीणों द्वारा दिए दस दिन के समय के बाद भी हालत नहीं सुधर पाए हैं। अब लोगों ने विभाग को चेतावनी दे दी है कि यदि समस्या का निपटारा नहीं किया तो अब वे आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। कूड़े के प्लांट की तरह आने वाले वाहनों की आवाजाही को बंद कर देंगे। सोमवार को भी नगर परिषद की वाहन में लाए गए मृत पशु को इस जगह पर फेंका गया।
पशु के ऊपर कूड़ा डालने की कोशिश की गई। इस मामले की भनक जब ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद ठेकेदार ग्रामीणों पर भड़क गया। दोनों गुटों में बहस इतनी बढ़ गई कि पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस के आने के बाद मामले को शांत करवाया गया। मालपुर पंचायत के उप प्रधान गुरदास चंदेल, चरणदास लंबरदार, धर्मपाल कौशिक, सुखदेव सैनी, सचिन कौशिक, हरप्रीत सिंह, मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि जब ठेकेदार मृत पशुओं के ऊपर कूड़ा डाल रहा था तो ग्रामीण में ऐसा करने से रोका। इसको लेकर ठेकेदार आग बबूला हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें मात्र 10 दिन का समय दिया गया था लेकिन समस्या वैसी की वैसी है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का जल्दी समाधान नहीं किया गया तो वे प्लांट की आवाजाही बंद कर देंगे और आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
ग्रामीण पहले भी कर चुके है विरोध
क्षेत्र में कूड़ा संयंत्र का ग्रामीण पहले भी विरोध कर चुके हैं। कुछ दिन पहले इसकी शिकायत उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दे चुके हैं लेकिन इस पर अभी तक कोई भी कार्रवाई नही की गई है। इस स्थान पर गंदगी इतनी ज्यादा फैल गई है कि लोगों का यहां पर रहना मुश्किल हो गया है।
नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष मदन चौधरी ने बताया कि कमेटी द्वारा पशु को गाड़ी से उतारने के बाद उसे दफनाया जा रहा था। स्थानीय लोगों का विरोध गलत है।