अधिकतर एंबुलेंस का नहीं हो पा रहा सही रखरखाव
किसी एंबुलेंस के टायर फटे तो कई में हो रहा स्टेयरिंग लॉक
पायलट और ईएमटी के बताने पर भी नहीं ठीक हो रही गाड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश की सड़कों पर आपातस्थिति में मरीजों को जीवन देने वाली 108 एंबुलेंस खराब हालत में हांफती हुई दौड़ रही हैं। इनमें तमाम ऐसी है, जिनके टायर पुराने हो चुके हैं और कुछ के टायर फटने भी लगे हैं। इस कारण कई एंबुलेंस रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। जबकि कुछ के स्टेयरिंग लॉक होने के मामले भी आ चुके हैं। इससे हादसे होने के डर भी रहते हैं।
इन गाड़ियाें में स्टेपनी के लिए भी अतिरिक्त टायर भी नहीं दिया गया है। इससे मरीज के जीवन के साथ तो खिलवाड़ हो रहा है। जबकि पायलट और ईएमटी भी जान हथेली पर रखकर एंबुलेंस चलाने को मजबूर हो रहे हैं।
गौर रहे कि प्रदेश की सड़कों पर 240 से अधिक नई और पुरानी एंबुलेंस दौड़ रही हैं। पुरानी एंबुलेंस में स्टेयरिंग लॉक होने समेत कई प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं। इस बारे पायलट और ईएमटी संबंधित कंपनी को एंबुलेंस ठीक करवाने के लिए आग्रह करते हैं। लेकिन उनका आरोप है कि कंपनी प्रबंधक उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उल्टा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इससे एक ओर जहां एंबुलेंस के पायलट और ईएमटी परेशान हो गए हैं। वहीं मरीजों को भी काफी समस्या आ रही है।
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फटे टायर को ठीक करवाने का किया आग्रह
सोलन में एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियों ने धर्मपुर स्थित कार्यालय में फटे टायर को ठीक करवाने का आग्रह किया। मगर वहां पर उनकी सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। बताया जा रहा है कि मूसलाधार बारिश के दौरान यह एंबुलेंस कुमारहट्टी में मरीज लाते समय मिट्टी में फंस गई थी। इसके बाद कर्मचारी ने टायर ठीक करवाने के लिए कहा था।
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कर्मचारी को ही कर दिया चेतावनी पत्र जारी
टायर और एंबुलेंस को ठीक कराने के आग्रह पर कंपनी ने कर्मचारी को ही चेतावनी पत्र जारी कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार कंपनी ऐसा कर चुकी हैं। इससे कर्मचारियों में खासा रोष है। कंपनी समय-समय पर वाहनों का कार्य करवाने में पूरी तरह असमर्थ हो चुकी है।
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प्रदेश में हमारी कोई भी एंबुलेंस खराब नहीं है। जो एंबुलेंस खराब हैं, उसे मरीज को लाने नहीं भेजा जाता।
-अशोक दासन
मेडसवान फाउंडेशन धर्मपुर
एंबुलेंस के कटे- फटे टायर। संवाद