संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। चुनावी के दौरान वीरवार को लोगों को आने-जाने के लिए कई लोकल रूटों पर बसें नहीं मिलेंगी। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले से हिमाचल पथ परिवहन की 105 बसें पोलिंग पार्टियों को छोड़ने के लिए जा रही हैं। अधिकतर परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को झेलनी पड़ेगी।
वहीं 12 नवंबर को भी आधे दिन के बाद इसी प्रकार का हाल रहेगा। हालांकि परिवहन निगम ने दावा किया है कि उन्हें किसी भी तरह से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। 105 बसों के चुनावों में रहने से ग्रामीण रूट पर बसें लोगों को नहीं मिलेगी। वहीं लंबे रूट सुचारु रूप से चलते रहेंगे।
जिले में आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए लगभग तैयारियां पूरी कर दी है। वीरवार को पोलिंग पार्टियां ईवीएम समेत चुनाव सामग्री लेकर पोलिंग स्टेशनों के लिए रवाना होगी। इसके लिए चुनाव आयोग ने जिला सोलन से 105 बसें बुक की हैं।
इनमें सोलन डिपो से 49, परवाणू डिपो से 20 और नालागढ़ डिपो की 36 बसें हैं। ये बसें वीरवार को सुबह 9:00 बजे ही बताए स्थानों पर पहुंच जाएंगी। इसके बाद वहां से पोलिंग पार्टियों को लेकर स्टेशनों तक छोड़ेंगी।
हालांकि शुक्रवार को यह बसें पुन: रूट पर लौट आएंगी और शनिवार दोपहर बाद पार्टियों को लेने के लिए चली जाएंगी। इसे लेकर लोगों को वीरवार और शनिवार को परेशानी होगी। इससे लोकल रूट करीब 60 फीसदी तक प्रभावित रहेंगे। इसके चलते निजी बसें का सहारा लेकर गंतव्य स्थानों की ओर रुख करना पड़ेगा।
उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक सोलन ई. शुगल सिंह ने बताया कि सोलन डिपो से 69 बसें चुनावी ड्यूटी में लगी हैं। ये बसें वीरवार सुबह से पोलिंग पार्टियों को स्टेशनों तक पहुंचाएंगी।
नालागढ़ क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि 36 बसें चुनावी ड्यूटी में भेजी गई हैं। इस कारण लोकल रूट प्रभावित होंगे। हालांकि लोगों को इस दौरान परेशान नहीं होने दिया जाएगा।