अर्की में शहीद विजयंत थापर की नई प्रतिमा का अनावरण
29 जून 1999 को कारगिल युद्ध में दुश्मनों से लड़ाई में हुए थे शहीद
अमर उजाला ब्यूरो
अर्की (सोलन)। अर्की के विजयंत थापर चौक पर कारगिल युद्ध के महानायक अमर शहीद कैप्टन विजयंत थापर की नई प्रतिमा का अनावरण किया गया। प्रतिमा का अनावरण उनकी माता तृप्ता थापर ने किया। उन्होंने इस अवसर पर पुलवामा हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। शहीद विजयंत का अर्की में ननिहाल है। 26 दिसंबर 1976 को सैनिक परिवार में जन्मे विजयंत का आरंभ से ही भारतीय सेना में जाने का सपना था। उनके पिता कर्नल वीएन थापर तथा उनके दादा ने भी भारतीय सेना में रह कर देश की सेवा की। विजयंत अपने पिता और दादा की सैनिक वर्दी को देख कर बचपन में ही सेना में जाने का सपना संजोए बैठे थे। उन्होंने 12 दिसंबर 1998 को ग्वालियर में राजपुताना राइफल्स ज्वाइन की। सेना में जाते ही उनकी युनिट को काश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेने भेज दिया गया। इसके बाद उनकी यूनिट को द्रास सैेक्टर में तोलोलिंग और टाइगर हिल्स को दुश्मन से खाली करवाने भेज दिया गया। कारगिल युद्ध में 12 जून 1999 की रात 2 राजपुताना राइफल्स ने भारत को ऑपरेशन विजय में तोलोलिंग की घमासान लड़ाई में पहली ऐतिहासिक जीत दिलाई। इसमें विजयंत ने अपनी प्लाटून के साथ बरबाद बंकर पाकिस्तानी पोस्ट पर कब्जा किया। इसके बाद 29 जून 1999 को एक दूसरे हमले के दौरान नौल नामक पाकिस्तानी मजबूत ठिकाने पर हमला करते समय वह गोलियां लगने से वीरगति को प्राप्त हुए। 22 वर्षीय विजयंत के अदम्य साहस और वीरता के लिए 15 अगस्त 1999 को तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने वीरचक्र प्रदान किया। प्रतिमा अनावरण के अवसर पर शहीद के मामा केके भारद्वाज, मामी कौशल्या भारद्वाज, पार्षद आशा परिहार, प्रदेश युवा सेवाएं एवं खेल बोर्ड के सदस्य सोनू सोनी, वेदप्रकाश शर्मा, योगेश वर्मा उपस्थित रहे।