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अर्की अस्पताल से हुआ डॉक्टरों का तबादला, मायूस लौट रहे मरीज

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अमर उजाला ब्यूरो

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अर्की (सोलन)। नागरिक अस्पताल अर्की में एक साथ तीन प्रमुख डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है। इस वजह से मरीजों को अस्पताल से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में उपचार न मिलने से मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्हें छोटी-छोटी बीमारी का उपचार करवाने शिमला, सोलन या किसी निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। अर्की अस्पताल में डॉक्टरों के 14 पद स्वीकृत हैं। इसमें से मौजूदा स्थिति में केवल सात डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन डॉक्टरों के अलावा पिछले कई महीनों से एक्सरे और ईसीजी तक नहीं हो रहे हैं।

एक्सरे कर्मचारी पिछले माह सेवानिवृत्त हो गए हैं जिसके चलते हैं एक्स-रे तथा ईसीजी नहीं हो रहे हैं। यदि कोई घटना घटती है तो लोगों को एक्सरे करवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार इसकी और ध्यान न देना बहुत चिंता का विषय है। अर्की अस्पताल में मेडिसन के डॉक्टर तक नहीं हैं। बच्चों के डॉक्टर करीब तीन साल से नहीं हैं तो ऑर्थो के डॉक्टर के रिक्त पद को भी लगभग इतना ही समय हो चुका है। जब यहां मेडिसिन के डॉक्टर तैनात होते थे तो अस्पताल में रोज करीब 350 ओपीडी थी। इन दिनों डॉक्टरों की कमी के चलते यह केवल 80 से 100 तक ही पहुंच गई है। मरीज अर्की अस्पताल आने की जगह दूसरे अस्पताल में जाकर उपचार करवाने में बेहतरी समझ रहे हैं। डॉक्टरों की न होने के चलते या तो घर को वापस आते हैं या प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक अस्पताल में एमडी मेडिसिन डॉक्टर नेगी का अभी तबादला हुआ है जबकि दूसरे डॉक्टर को परवाणू में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। बीएमओ का अभी हाल ही में तबादला हो चुका है लेकिन डॉक्टरों के कमरों के बाहर अभी भी इनके नेम प्लेट लटके हैं। ऑर्थो और बच्चों का डॉक्टर भी अभी तक अपनी सेवाएं नहीं दे रहे हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि खाली पदों के बारे में सरकार की स्वीकृति के लिए पत्र भेजे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही डॉक्टर तैनात कर दिए जाएंगे।

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