नालागढ़ (सोलन)। विधानसभा की हॉट सीट व लोकसभा प्रत्याशी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले नालागढ़ हलके में राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है। पंचायत समिति के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के खिलाफ सदस्यों के अविश्वास प्रस्ताव पर बहुमत साबित करने से एक रोज पहले भाजपा और कांग्रेस के लोगों में खूब झड़प हुई। कहासुनी के साथ बात हाथापाई तक आ पहुंची लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से मामला रफा-दफा कर दिया। 13 सितंबर को कांग्रेस समर्थित बीडीसी सदस्यों ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हुए 25 सदस्यों ने हस्ताक्षरित पत्र जिला पंचायत अधिकारी को सौंपा जिस पर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को मंगलवार को अपना बहुमत साबित करना है। सोमवार को नालागढ़ उपमंडल के गोलजमाला में एक महिला बीडीसी सदस्य को अपनी तरफ खींचने का भाजपा ने प्रयास किया जिसका कांग्रेस के लोगों ने विरोध किया।
रोचक बात यह है कि नालागढ़ में मौजूदा समय में कांग्रेसी विधायक है जबकि पूर्व भाजपा विधायक भी अपना वर्चस्व बनाए रखने का प्रयास में जुटे हैं। भाजपा समर्थित लोगों ने इस बीडीसी मेंबर को अपने पाले में खींचने का प्रयास किया लेकिन वहां कांग्रेस के लोग आ पहुंचे। यह महिला बीडीसी मेंबर कांग्रेस समर्थित है लेकिन बहुमत साबित करने के लिए भाजपा एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। मौके पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने दोनों दलों के लोगों को समझाया और मामला शांत करवाया।
पंचायत समिति नालागढ़ में 40 सदस्य है लेकिन बीडीसी सदस्य ममता देवी की 28 अगस्त को मृत्यु के बाद यहां 39 सदस्य ही रह गए हैं। इन 39 सदस्यों में से 25 सदस्यों ने हस्ताक्षर कर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी को खतरे में डाल दिया है। अविश्वास प्रस्ताव के बाद मौजूदा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को बहुमत साबित करने के लिए मंगलवार का दिन मुकर्रर किया है।
एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि गोलजमाला में दोनों ही पक्षों के लोग एकत्रित हुए थे और उन्हें समझा बुझाकर शांत करवा दिया गया।