कसौली (सोलन)। केंद्रीय अनुसंधान केंद्र कसौली में ऑल इंडिया हेल्थ एंप्लाइज वर्कर्स कंफीडिरेशन एवं सेंट्रल हेल्थ इंप्लाइज फेडरेशन की केंद्रीय समिति की दो दिवसीय बैठक में सरकार से वर्दी भत्ता दस हजार रुपये करने की मांग की गई। समारोह के समापन पर सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बैठक का आयोजन केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली कर्मचारी संघ द्वारा संस्थान के सभागार आयोजित किया। इस अवसर पर संस्थान की छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। इस बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा करते हुए प्रस्ताव पारित किए गए। प्रस्तावों में वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने और आउटसोर्स आधार पर की जा रही नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिए जा रहे ड्रेस अलाउंस को 10 हजार प्रतिवर्ष करने, रिटायर हो रहे कर्मियों के स्थान पर स्थायी रूप से नियुक्तियां करने की मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा पेशेंट केयर अलाउंस, करुणामुल्क आधार पर रिक्त पदों को भरने, सभी संस्थानों में केडर रिव्यू कमेटी का गठन और उनकी सिफारिशों पर अमल करने की मांग की गई। बैठक में इस विषय पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कंफीडरेशन की लंबित 15 सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार द्वारा यदि 30 जून तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी तो जुलाई माह से कंफीडिरेशन को आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा। इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। कंफीडिरेशन महासचिव कामरेड रामकिशन ने कहा कि मंत्री प्रथा से हम लोग दूर हो गए थे। बैठक में मुंबई, कलकत्ता, चेन्नई, उड़ीसा, पांडुचेरी, दिल्ली, केरल, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड, बंगाल और अन्य प्रदेशों से लगभग 150 कर्मचारियों ने भाग लिया। इस मौके पर कंफीडिरेशन के कामरेड केएस राणा अध्यक्ष एवं महासचिव कामरेड रामकिशन, नरेश अत्री प्रधान कर्मचारी संघ सीआरआई, उपप्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव विजय शर्मा, सहसचिव मोहन सिंह, कोषाध्यक्ष भागचंद, चेफ सचिव रमाकांत जैन, राजकुमार सिंगला, संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण तहलान, केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला निदेशक डॉ. अरुण भारद्वाज और अन्य लोग मौजूद रहे।